•मुरादाबाद में त्रिशूल रक्षा संग्रहालय बना मिशन, नगर आयुक्त का व्रत बना राष्ट्रीय चर्चा
•कमिश्नर, महापौर और नगर आयुक्त ने देश के रक्षा मंत्री को सौंपा निमंत्रण
•रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल की खुले दिल से प्रशंसा
सनेश ठाकुर
मुरादाबाद (विधान केसरी)। जब संकल्प सेवा से जुड़ जाए और कर्तव्य राष्ट्र से, तब वह उदाहरण बन जाता है। मुरादाबाद के नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल ने त्रिशूल रक्षा संग्रहालय को समय पर पूर्ण कराने के लिए एक अनोखा संकल्प लिया है, जिससे न केवल प्रशासनिक हलकों में बल्कि देश की राजधानी तक ध्यान खींच लिया। उद्घाटन तक दाढ़ी न बनाने के इस प्रतीकात्मक लेकिन दृढ़ निश्चय को सुनकर स्वयं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी भावविभोर हो उठे और उन्होंने इसे अधिकारियों के कर्तव्यनिष्ठ समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। यह संकल्प अब सिर्फ एक व्यक्तिगत व्रत नहीं, बल्कि मुरादाबाद के गौरव और राष्ट्रभक्ति की भावना का प्रतीक बन चुका है।
मुरादाबाद के लिए गौरव और ऐतिहासिक महत्व से भरा एक विशेष क्षण उस समय देखने को मिला, जब नगर निगम द्वारा निर्मित किए जा रहे त्रिशूल रक्षा संग्रहालय को लेकर नगर के जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने राजधानी नई दिल्ली में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्हें संग्रहालय के शीघ्र उद्घाटन हेतु औपचारिक निमंत्रण सौंपा गया।।प्रतिनिधिमंडल में मुरादाबाद के मेयर, मंडलायुक्त आंजनेय सिंह तथा नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल शामिल रहे। भेंट के दौरान मंडलायुक्त आंजनेय सिंह ने रक्षा मंत्री को संग्रहालय की प्रगति की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह परियोजना न केवल मुरादाबाद बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक राष्ट्रीय गौरव का केंद्र बनने जा रही है। इस दौरान एक भावनात्मक और प्रेरणादायक प्रसंग भी सामने आया। मंडलायुक्त ने रक्षा मंत्री को बताया कि त्रिशूल रक्षा संग्रहालय के कार्य को समयसीमा में पूरा करने और उद्घाटन तक निरंतर गति बनाए रखने के उद्देश्य से नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल ने एक विशेष संकल्प लिया है। उन्होंने यह निश्चय किया है कि संग्रहालय के उद्घाटन तक वह दाढ़ी नहीं बनाएंगे।
नगर आयुक्त के इस व्यक्तिगत संकल्प को सुनकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कुछ क्षणों के लिए चकित रह गए और फिर मुस्कराते हुए उनकी सराहना की। रक्षा मंत्री ने कहा कि।जब कोई अधिकारी अपने दायित्वों के प्रति इस स्तर का समर्पण और आत्मानुशासन दिखाता है, तो ऐसे प्रोजेक्ट केवल ईंट-पत्थर की इमारत नहीं रहते, बल्कि वे प्रेरणा के प्रतीक बन जाते हैं।”
रक्षा मंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज़ में मेयर मुरादाबाद से यह भी कहा कि संग्रहालय के उद्घाटन के दिन ही नगर आयुक्त की “हजामत की व्यवस्था” कराई जाए, ताकि यह संकल्प ऐतिहासिक अवसर के साथ पूरा हो सके। उनकी इस टिप्पणी से वहां उपस्थित सभी लोग मुस्कुरा उठे और वातावरण अत्यंत सौहार्दपूर्ण बन गया।
गौरतलब है कि त्रिशूल रक्षा संग्रहालय मुरादाबाद के लिए एक विशिष्ट पहचान बनने जा रहा है। यह संग्रहालय देश की सैन्य परंपराओं, वीरता, बलिदान और रक्षा शक्ति को आधुनिक और आकर्षक तरीके से प्रदर्शित करेगा। यहां भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़े ऐतिहासिक तथ्य, युद्धों की गाथाएं, वीर सैनिकों की कहानियां और रक्षा तकनीक की झलक देखने को मिलेगी। यह संग्रहालय विशेष रूप से युवाओं में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और देश सेवा की भावना को जागृत करने का माध्यम बनेगा। मेयर और नगर निगम के अधिकारियों ने रक्षा मंत्री को आश्वस्त किया कि संग्रहालय का निर्माण कार्य तेज़ी से प्रगति पर है और इसे निर्धारित समय में पूर्ण कर लिया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने रक्षा मंत्री को मुरादाबाद आगमन का औपचारिक निमंत्रण देते हुए विश्वास जताया कि उनकी उपस्थिति और मार्गदर्शन इस परियोजना को नई ऊर्जा और राष्ट्रीय पहचान प्रदान करेगा। त्रिशूल रक्षा संग्रहालय के माध्यम से मुरादाबाद अब केवल पीतल नगरी ही नहीं, बल्कि राष्ट्र की सैन्य विरासत और गौरव का प्रतीक केंद्र बनने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।
