पीलीभीत। सोमवार को महिला कल्याण विभाग एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता एवं शपथ कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज को बाल विवाह जैसी कुप्रथा के दुष्परिणामों से अवगत कराना तथा इसे जड़ से समाप्त करने के लिए सामूहिक संकल्प दिलाना रहा।
नगर क्षेत्र पीलीभीत के वार्ड नंबर 19 में सभासद शिखा के सहयोग से सखी वन स्टॉप सेंटर एवं हब द्वारा विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें उपस्थित महिलाओं, अभिभावकों एवं नागरिकों को बाल विवाह न कराने और इसके विरुद्ध आवाज उठाने की शपथ दिलाई गई। वक्ताओं ने बताया कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास में भी गंभीर बाधा उत्पन्न करता है।इसी क्रम में जिला अस्पताल स्थित रैन बसेरा में भी बाल विवाह की रोकथाम को लेकर शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां आमजन को बाल अधिकारों, बाल संरक्षण कानूनों एवं पीड़ितों के लिए उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई।वहीं चाइल्डलाइन के माध्यम से निवातपुरा एवं बनकटी, ब्लॉक मरौरी में भी बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान ग्रामीणों को बाल विवाह की रोकथाम हेतु शासन द्वारा संचालित योजनाओं, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 तथा संबंधित विभागों की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया गया और सभी को बाल विवाह के खिलाफ सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ दिलाई गई।अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों से समाज में सकारात्मक सोच विकसित हो रही है, जिससे बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त कर बच्चों को सुरक्षित, शिक्षित एवं सशक्त भविष्य दिया जा सकेगा।
