बाराबंकी । जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में पैरा लीगल वॉलिंटियर्स (पीएलवी) एवं अधिकार मित्रों के लिए दो-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलवार को किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला जज प्रमिता श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
जिला जज प्रमिता श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि पीएलवी और अधिकार मित्र न्याय प्रणाली की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जो समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने का कार्य करते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का पूर्ण लाभ उठाकर समाज सेवा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।प्रशिक्षण सत्र के मुख्य प्रशिक्षक राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी एवं अपर जिला जज श्रीकृष्ण चन्द्र सिंह रहे। उन्होंने लोक अदालतों की प्रक्रिया, महत्व, वैकल्पिक विवाद निपटान प्रणाली, संविधान की प्रस्तावना, राज्य के नीति-निदेशक तत्व, मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य, अनुच्छेद 39-क, नालसा विनियम तथा विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 के विषय में विस्तृत जानकारी दी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव शिवानी रावत ने प्राधिकरण की योजनाओं, पीएलवी के कर्तव्यों, दैनिक रिपोर्टिंग, केस स्टडी तथा वंचित वर्गों के लिए उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में जानकारी दी। पहले दिन के प्रशिक्षण में सिविल व आपराधिक प्रक्रिया की मूल बातें, लोक अदालतों का संचालन, ग्रामीण-शहरी विवादों के समाधान, पीएलवी के लिए क्या करें-क्या न करें, ड्रेस कोड, आचरण एवं नैतिकता पर भी चर्चा की गई।प्रशिक्षण में प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए प्रश्न पूछे। कार्यक्रम के दूसरे दिन बुधवार को भी विशेषज्ञों द्वारा महत्वपूर्ण विधिक विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
