•सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की राह पर मुरादाबाद, विधान परिषद समिति ने किया विकास मॉडल का अभिनंदन
•संस्कृति, स्वच्छता और संकल्प से संवरता मुरादाबाद
•नगर निगम मुरादाबाद का विकास मॉडल छाया, समिति सदस्यों ने बजाईं तालियां
मुरादाबाद (विधान केसरी)। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की अवधारणा पर आधारित मुरादाबाद के नवनिर्माण और नगर निगम द्वारा किए गए नवाचारपूर्ण विकास कार्यों को उत्तर प्रदेश विधान परिषद की समिति ने मुक्त कंठ से सराहना की। मंगलवार, 7 जनवरी 2026 को सर्किट हाउस मुरादाबाद के सभागार में माननीय सभापति श्री कुँवर महाराज सिंह जी की अध्यक्षता में विधान परिषद की उस समिति की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित हुई, जो विकास प्राधिकरणों, आवास विकास परिषद, जिला पंचायतों एवं नगर निगमों में व्याप्त अनियमितताओं पर अंकुश लगाने एवं जांच के उद्देश्य से गठित की गई है। बैठक में नगर निगम सहित विभिन्न विभागों द्वारा अपने-अपने विभागीय कार्यों एवं योजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया गया। इसी क्रम में नगर आयुक्त श्री दिव्यांशु पटेल द्वारा समिति के समक्ष “सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के आधार पर मुरादाबाद का नवनिर्माण” थीम पर आधारित नगर निगम मुरादाबाद के गत एक वर्ष के कार्यों एवं विकसित परियोजनाओं का प्रभावशाली और तथ्यपरक प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत किया गया।
नगर आयुक्त ने बताया कि किस प्रकार नगर निगम मुरादाबाद ने सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रभावना, स्वच्छता और जनभागीदारी को विकास के केंद्र में रखते हुए शहर के समग्र कायाकल्प की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। प्रस्तुतीकरण में त्रिशूल भारतीय सैन्य रक्षा संग्रहालय, संविधान साहित्य वाटिका, स्पंदन सरोवर, हनुमान वाटिका, श्रीराम वाटिका, गौतम बुद्ध अपशिष्ट शिक्षा केंद्र जैसी अभिनव और प्रेरणादायी परियोजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। इसके साथ ही नगर आयुक्त ने महानगर की स्वच्छता व्यवस्था में किए गए ऐतिहासिक सुधारों, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जनजागरूकता अभियानों और नवाचारों के माध्यम से मुरादाबाद को देश के टॉप-10 स्वच्छ शहरों की श्रेणी तक पहुंचाने की विकास यात्रा पर भी प्रकाश डाला।
प्रस्तुतीकरण के दौरान सभागार तालियों की गूंज से भर उठा और समिति सदस्यों सहित उपस्थित जनों ने मुरादाबाद विकास मॉडल की भूरि-भूरि प्रशंसा की। प्रस्तुतीकरण से प्रभावित होकर समिति सदस्यों ने करतल ध्वनि के साथ नगर आयुक्त श्री दिव्यांशु पटेल का सम्मान किया तथा नगर निगम मुरादाबाद द्वारा संचालित समस्त परियोजनाओं को प्रेरणादायी और अनुकरणीय बताया। समिति सदस्यों ने कहा कि मुरादाबाद का विकास मॉडल प्रदेश के अन्य नगर निकायों के लिए एक आदर्श उदाहरण बन सकता है। समीक्षा बैठक के उपरांत माननीय समिति सदस्यों द्वारा संविधान साहित्य वाटिका, हनुमान वाटिका एवं त्रिशूल भारतीय सैन्य रक्षा संग्रहालय का स्थल भ्रमण भी किया गया। स्थल निरीक्षण के दौरान समिति सदस्यों ने परियोजनाओं की गुणवत्ता, अवधारणा और क्रियान्वयन की सराहना करते हुए पुनः तालियों की गूंज के साथ नगर निगम मुरादाबाद के प्रयासों की प्रशंसा की। इसके अतिरिक्त, बैठक की समाप्ति के पश्चात नगर निगम मुरादाबाद द्वारा प्रकाशित नवीन कैलेंडर का भी समिति सदस्यों के करकमलों द्वारा विमोचन किया गया। यह कैलेंडर नगर निगम की विभिन्न प्रमुख परियोजनाओं को प्रत्येक माह के चित्रण के माध्यम से दर्शाता है, जिसे समिति ने एक अत्यंत सराहनीय, रचनात्मक और नवाचारी पहल बताया। कुल मिलाकर यह समीक्षा बैठक नगर निगम मुरादाबाद के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण साबित हुई। बैठक ने यह सिद्ध किया कि दृढ़ नेतृत्व, स्पष्ट दृष्टि और सांस्कृतिक मूल्यों के साथ किया गया विकास न केवल शहर की तस्वीर बदल सकता है, बल्कि उसे राष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान भी दिला सकता है।
