पीलीभीत। गन्ना भवन में जिला गन्ना अधिकारी खुशी राम भार्गव की अध्यक्षता में गन्ना क्रियान्वयन समिति (सी.आई.सी.) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में चीनी मिलों द्वारा गन्ना खरीद, चीनी उत्पादन, चीनी पर्ता, क्रय केंद्रों के निरीक्षण तथा बसंतकालीन गन्ना बुआई की समीक्षा की गई।बताया गया कि वर्तमान में जनपद की सभी चीनी मिलें गन्ना पेराई का कार्य कर रही हैं तथा प्रतिदिन लगभग 2 लाख 09 हजार कुंतल गन्ने की खरीद की जा रही है। अब तक 1.16 लाख कृषकों से कुल 106.90 लाख कुंतल गन्ना खरीदा जा चुका है। इसमें पीलीभीत चीनी मिल द्वारा 64.01 लाख कुंतल, बरखेड़ा चीनी मिल द्वारा 26.74 लाख कुंतल, बीसलपुर चीनी मिल द्वारा 7.10 लाख कुंतल तथा पूरनपुर चीनी मिल द्वारा 8.15 लाख कुंतल गन्ना खरीद की गई है।बैठक में अवगत कराया गया कि चीनी मिल द्वारा 24 दिसंबर 2025 तक खरीदे गए गन्ने का 210.36 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य किसानों के खातों में भेज दिया गया है। इसी प्रकार बीसलपुर चीनी मिल द्वारा 7 दिसंबर 2025 तक क्रय किए गए गन्ने का 8.02 करोड़ रुपये तथा पूरनपुर चीनी मिल द्वारा 2 दिसंबर 2025 तक क्रय किए गए गन्ने का 9.50 करोड़ रुपये भुगतान कृषकों के खातों में किया गया है। इस प्रकार जनपद की तीन चीनी मिलों द्वारा कुल 227.08 करोड़ रुपये का भुगतान 79,972 गन्ना किसानों को किया जा चुका है।सी.आई.सी. बैठक में जनपद की चारों चीनी मिलों के 232 तौल लिपिकों का ऑनलाइन लॉटरी सिस्टम के माध्यम से पाक्षिक स्थानांतरण किया गया। जिला गन्ना अधिकारी ने निर्देश दिए कि लॉटरी सिस्टम से नियुक्त तौल लिपिकों के माध्यम से ही तौल कार्य कराया जाए तथा किसी भी तौल लिपिक की मैन्युअल नियुक्ति न की जाए। यह निर्देश आयुक्त, गन्ना एवं चीनी उत्तर प्रदेश द्वारा भी दिए गए हैं।
इसके साथ ही सभी सचिवों एवं ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों को क्रय केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्यालय को सूचित करने के निर्देश दिए गए। सभी क्रय केंद्रों पर पेयजल, पशुओं के लिए पानी की नाद तथा मानक बांट की उपलब्धता अनिवार्य बताई गई।
बैठक में दिग्विजय सिंह अध्यक्ष गन्ना समिति पीलीभीत, राजेश सिंह अध्यक्ष बीसलपुर गन्ना समिति, के.बी. शर्मा अधिशासी उपाध्यक्ष पीलीभीत चीनी मिल, बरखेड़ा चीनी मिल के वरिष्ठ गन्ना प्रबंधक, पीलीभीत, बीसलपुर व मझोला के सचिव, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, खांडसारी निरीक्षक तथा गुलरिया, निगोही, फरीदपुर और मकसूदापुर चीनी मिलों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
