मोहनलालगंज/लखनऊ । मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में जमीन खरीददृफरोख्त से जुड़ा एक बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि जमीन विक्रेताओं ने एक रियल एस्टेट कंपनी से दो करोड़ 20 लाख रुपये लेने के बावजूद न तो तय क्षेत्रफल की जमीन दी और न ही बैनामा किया। पीड़ित द्वारा बार-बार शिकायत के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया। पीड़ित हंसराज रावत के अनुसार वर्ष 2018 में उनकी कंपनी ने गौरा व पदमिन खेड़ा क्षेत्र में 29,967 वर्गफीट जमीन खरीदने का करार किया था, जबकि विक्रेताओं ने 32,500 वर्गफीट जमीन बताई थी। 29 जनवरी 2018 से 15 जुलाई 2019 के बीच बैंक ट्रांसफर व नकद माध्यम से पूरी धनराशि का भुगतान किया गया, लेकिन इसके बाद भी विक्रय विलेख नहीं किया गया।
सीमांकन वाद के न्यायालयी आदेश में एक गाटा का क्षेत्रफल कम पाए जाने की पुष्टि हुई, फिर भी कंपनी के पक्ष में बैनामा नहीं किया गया। आरोप है कि विवादित जमीन को बाद में चोरी-छिपे किसी अन्य के नाम रजिस्ट्री कर दिया गया। न्यायालय के आदेश पर अब मोहनलालगंज पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित पक्ष ने पूरे मामले को सुनियोजित ठगी बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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