पीलीभीत। जनपद में शांति, कानून-व्यवस्था एवं सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। आगामी दिनों में मकर संक्रांति, बसंत पंचमी, जननायक कर्पूरी ठाकुर जयंती, गणतंत्र दिवस, महाशिवरात्रि सहित फरवरी माह में संत रविदास जयंती, शबे बरात और होली जैसे प्रमुख पर्वों के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट ज्ञानेन्द्र सिंह ने पूरे जनपद में धारा 163 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) लागू कर दी है। यह आदेश 8 जनवरी 2026 से 6 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगा।जिला प्रशासन को विभिन्न माध्यमों से सूचनाएं प्राप्त हो रही थीं कि कुछ संगठन अपने निहित स्वार्थों की पूर्ति के लिए अराजक एवं असामाजिक तत्वों के सहयोग से जातीय, सांप्रदायिक एवं सामाजिक वैमनस्य फैलाने का प्रयास कर सकते हैं। इसी आशंका के मद्देनजर यह एहतियाती कदम उठाया गया है, ताकि लोक शांति किसी भी स्तर पर भंग न होने पाए।
धारा 163 के तहत कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर लाठी, डंडा, तलवार, आग्नेयास्त्र, रिवाल्वर, पिस्टल अथवा चार इंच से अधिक फल वाला चाकू लेकर नहीं चल सकेगा। हालांकि, शासकीय कर्तव्य के तहत हथियार रखने वाले राज्य कर्मचारियों को इससे छूट दी गई है। अंधे एवं कमजोर व्यक्तियों को सहारे के लिए डंडा रखने तथा सिख समुदाय को कृपाण धारण करने की अनुमति रहेगी।इसके साथ ही किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों का बिना अनुमति एकत्र होना प्रतिबंधित रहेगा। बिना सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के जुलूस, जनसभा अथवा किसी नई परंपरा की शुरुआत नहीं की जा सकेगी।
आदेश के अनुसार बिना अनुमति लाउडस्पीकर या ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक लाउडस्पीकर और पब्लिक एड्रेस सिस्टम के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों और माननीय न्यायालयों के 100 मीटर के दायरे को पूर्णतः शांत क्षेत्र घोषित किया गया है। बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर भी रोक रहेगी।
कोई भी व्यक्ति सामाजिक विद्वेष फैलाने वाले लेख, पोस्टर या भाषण नहीं देगा और न ही अफवाह फैलाने या फैलाने के लिए प्रेरित करेगा। नशे की हालत में सार्वजनिक स्थानों पर घूमना, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, भवन स्वामी की अनुमति के बिना पोस्टर, होर्डिंग या प्रचार सामग्री लगाना प्रतिबंधित रहेगा। मोटरसाइकिल या अन्य वाहनों से हुड़दंग कर यातायात बाधित करने पर भी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस आदेश का उल्लंघन भारतीय न्यायिक संहिता की धारा 223 के अंतर्गत दंडनीय अपराध होगा। यदि कोई व्यक्ति इस आदेश के अंतर्गत किसी प्रकार की छूट चाहता है, तो वह जिला मजिस्ट्रेट, नगर मजिस्ट्रेट अथवा संबंधित परगना मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर सकता है।
कुल मिलाकर, जिला प्रशासन का यह कदम आगामी पर्वों और आयोजनों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की दिशा में एक सख्त लेकिन आवश्यक पहल माना जा रहा है।
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