पीलीभीत। किर्गिस्तान में फंसे पीलीभीत समेत आसपास के 14 लोगों ने भारत वापसी के बाद अपने साथ हुई धोखाधड़ी और मानव तस्करी का आरोप लगाते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री भारत सरकार जितिन प्रसाद से न्याय की गुहार लगाई है। सभी पीड़ितों ने अपने-अपने प्रार्थना पत्र किसान नेता देव स्वरूप पटेल को सौंपे, जिन्हें पीलीभीत पहुंचकर केंद्रीय राज्य मंत्री के नाम संबोधित किया गया।पीड़ितों का आरोप है कि हरीश उर्फ हरनारायण पुत्र तौले राम निवासी ग्राम चांदपुर, थाना बंडा, जिला शाहजहांपुर ने विदेश भेजने के नाम पर प्रत्येक व्यक्ति से ऑनलाइन कुल 1 लाख 90 हजार रुपये लिए। आरोप है कि रूस भेजने का झांसा देकर उन्हें किर्गिस्तान भेज दिया गया। इस पूरे प्रकरण में एजेंट विजय चैधरी और उसकी पत्नी सीता देवी निवासी वसुंधरा कॉलोनी, थाना सुनगढ़ी, पीलीभीत तथा जीबीआई इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की भूमिका संदिग्ध बताई गई है। पीड़ितों का कहना है कि वहां कंपनी ने उन्हें किर्गिस्तान की अविलॉन होल्डिंग कंपनी के ठेकेदार को बेच दिया।पीड़ितों ने बताया कि केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद के हस्तक्षेप से उन्हें किर्गिस्तान से सुरक्षित भारत वापस लाया गया। हालांकि, घर लौटे करीब एक माह बीत जाने के बावजूद अभी तक न तो किसी अधिकारी ने पूरे मामले की जांच की है और न ही ठगी व मानव तस्करी में शामिल आरोपियों पर कोई कार्रवाई हुई है। मजबूर होकर पीड़ितों को दोबारा केंद्रीय राज्य मंत्री से न्याय की गुहार लगानी पड़ी।
किसान नेता देव स्वरूप पटेल ने कहा कि किर्गिस्तान में फंसे पीलीभीत के 14 लोगों के साथ जिस तरह से धोखाधड़ी कर लाखों रुपये ठगे गए और मानव तस्करी की साजिश रची गई, उसकी पूरी जानकारी केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद को दे दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पीलीभीत के नागरिकों के साथ गैरकानूनी कार्य करने वालों के खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई होगी, ठगी गई धनराशि वापस कराई जाएगी और दोषियों पर नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पीड़ितों ने बताया कि किसी ने अपना घर गिरवी रखकर, किसी ने जमीन बेचकर तो किसी ने कर्ज लेकर यह रकम दी थी। अब वे सभी न्याय और अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने की आस में सरकार की ओर देख रहे हैं।
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