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1 गिलास गर्म पानी पीते ही 60 सेकंड में आ जाए डकार, तो इन बीमारियों का है संकेत


सोशल मीडिया पर इन दिनों सेहत को लेकर ज्ञान का भंडार है। इन दिनों फेसबुक पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि गर्म पानी से किया जाने वाला बर्प टेस्ट यानि डकार टेस्ट आंतों की समस्याओं और शरीर में टॉक्सिन होने के बारे में बताता है। इस टेस्ट में 1 गिलास गर्म पानी पीने से गट हेल्थ और शरीर में टॉक्सिन जमा होने का पता चलने का दावा किया जा रहा है। आपको खाली पेट 1 गिलास गर्म पानी को सिप कर करके पीना है अगर आपको 60 सेकंड के भीतर डकार आ गई तो समझ लें कि आपके शरीर में टॉक्सिन जमा हैं, गट हेल्थ ठीक नहीं है और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी समस्याएं हैं। अगर डकार नहीं आती है तो समझ लें सब ठीक है।

इस वीडियो के बाद हजारों लोगों ने ये टेस्ट करके देखा है। खुद हमने भी इसे ट्राई किया। मैंने 1 गिलास गर्म पानी को सिप करके पीया और सिर्फ 30 सेकंड के भीतर ही मुझे डकार (Burp) आ गई। लेकिन मेरे मन में सवाल आया कि क्या वाकई में डकार आना शरीर में टॉक्सिन होने का या गट हेल्थ के खराब होने का सही टेस्ट है। इसके बारे में हमने एक जाने माने एक्सपर्ट डॉक्टर से बात की। आइये जानते हैं क्या है डकार टेस्ट की सच्चाई।

हमने फरीदाबाद के मेट्रो अस्पताल के डायरेक्टर (गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग) डॉक्टर विशाल खुराना से बात की और जाना कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे डकार टेस्ट में कितनी सच्चाई है। डॉक्टर ने बताया कि इस तरह के टेस्ट पूरी तरह भ्रामक हैं। गर्म पानी पीने के बाद डकार आना सामान्य शारीरिक क्रिया है, न कि स्वास्थ्य संबंधी कोई चेतावनी।

डकार को शरीर में जमा हुए टॉक्सिन पदार्थों से जोड़ने वाला कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। लिवर और किडनी नेचुरली शरीर में जमा विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालते हैं। गर्म पानी मांसपेशियों को शिथिल करके और पेरिस्टालसिस को बढ़ावा देकर हल्के पाचन में सहायता करता है, लेकिन डकार अंदर गई हवा या अस्थायी पीएच परिवर्तन के कारण होती है जो ग्रासनली के स्फिंक्टर को रिलेक्स कर देता है। इसलिए डकार आना शरीर में टॉक्सिन होने का संकेत है ये पूरी तरह से वायरल ट्रेंड है।

डकार आने का समय पानी की मात्रा, तापमान, घूंट लेने की स्पीड या वायु निगलने (एयरोफैगिया) पर निर्भर करता है। इससे गट हेल्थ का सही पता नहीं लगाया जा सकता है। आंतों की सही जांच के लिए एंडोस्कोपी, सांस परीक्षण या एच पाइलोरी या एसआईबीओ जैसी समस्याओं के लिए मल विश्लेषण की आवश्यकता होती है। इस तरह के टेस्ट भ्रामक हो सकते हैं। गर्म पानी पाचन में थोड़ा लाभ पहुंचाता है लेकिन इससे किसी बीमारी का टेस्ट नहीं किया जा सकता है।

डॉक्टर की मानें तो डकार न आना पेट में एसिड की कमी (हाइपोक्लोरहाइड्रिया), डिहाइड्रेशन या किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। लेकिन यह स्वस्थ पाचन तंत्र का प्रमाण नहीं है। बार-बार डकार आना गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट रोग (GERD) या खान-पान संबंधी समस्याओं का संकेत है। पेट फूलने जैसे लक्षणों के लिए गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से सलाह लें।

लगातार पेट फूलना, दर्द, एसिड रिफ्लक्स या वजन कम होने पर अल्ट्रासाउंड या एंडोस्कोपी जैसे परीक्षण कराने की आवश्यकता है। गर्म पानी सुरक्षित है लेकिन ग्रासनली में जलन से बचने के लिए बहुत गर्म पानी से बचें।

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