सोनभद्र । कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने, अपराधों की प्रभावी रोकथाम तथा विवेचनाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक सोनभद्र,अभिषेक वर्मा के नेतृत्व में पुलिस लाइन चुर्क स्थित सभागार में सैनिक सम्मेलन व मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय/ऑपरेशन), समस्त क्षेत्राधिकारीगण एवं जनपद के समस्त प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष उपस्थित रहे। मासिक अपराध गोष्ठी से पूर्व सैनिक सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें जनपद के विभिन्न थानों एवं शाखाओं से उपस्थित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना गया। पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिसकर्मियों की समस्याओं के यथाशीघ्र एवं समयबद्ध समाधान हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए, जिससे पुलिस बल का मनोबल बढ़े एवं वे पूर्ण निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें। मासिक अपराध गोष्ठी के दौरान जनपद में घटित अपराधों की माहवार समीक्षा की गई। विशेष रूप से 03 वर्ष से अधिक समय से लंबित/वांछित अभियुक्तों, 03 माह से अधिक लंबित विवेचनाओं, गंभीर एवं संगठित अपराधों, एनडीपीएस एक्ट, महिला अपराधों, गिरफ्तारी की प्रगति, जमानत पर छूटे अभियुक्तों की निगरानी, मालखाना प्रबंधन, जब्त वाहनों के विधिक निस्तारण, CEIR पोर्टल के माध्यम से मोबाइल रिकवरी, SID पोर्टल से लिंक विवेचनाओं तथा सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों के विरुद्ध की गई कार्रवाई सहित कुल 16 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन समीक्षा की गई। गोष्ठी के दौरान पुलिस अधीक्षक सोनभद्र द्वारा समस्त थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि सभी लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। वांछित अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी, निरोधात्मक कार्रवाई में तेजी, एनडीपीएस एवं महिला अपराधों के मामलों में शून्य सहनशीलता नीति अपनाने तथा मिशन शक्ति अभियान फेज–5.0 की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक सोनभद्र द्वारा समस्त थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि महिला अपराधों से संबंधित प्रकरणों में संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई एवं पीड़िता-केंद्रित पुलिसिंग सुनिश्चित की जाए। मिशन शक्ति केंद्रों के सुचारु संचालन, महिला हेल्प डेस्क की सक्रियता, प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा शासन द्वारा निर्गत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का शत-प्रतिशत अनुपालन करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि मिशन शक्ति के अंतर्गत आयोजित होने वाले जागरूकता कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा करते हुए उनकी प्रभावशीलता को और अधिक सुदृढ़ किया जाए। इसके अतिरिक्त, थानों में कार्यरत अधिकारियों/कर्मचारियों को फील्ड स्तर पर सक्रिय रहते हुए अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने, जनता के साथ संवाद को मजबूत करने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु सतर्क एवं उत्तरदायी पुलिसिंग सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया। पुलिस अधीक्षक सोनभद्र द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया कि निर्धारित लक्ष्यों के अनुपालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा समीक्षा में अपेक्षित प्रगति न पाए जाने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
!doctype>
