सोनभद्र। ग्राम पंचायत लोढ़ी में सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम प्रधान लोढ़ी ने पंचायत सचिव और ठेकेदार की मिलीभगत से बिना प्रधान की जानकारी व अनुमति के ग्राम पंचायत खाते से भारी रकम का भुगतान कराए जाने का आरोप लगाया है। ग्राम प्रधान ने आज सीडीओ को पत्र देकर जांच कर कार्यवाई की मांग की है। पत्र में प्रधान का आरोप है कि ग्राम पंचायत लोढ़ी के "सचिव पंकज कुमार मौर्या" द्वारा ठेकेदार से साठगांठ कर पंचायत खाते से भुगतान कराया गया, जबकि किसी भी भुगतान पर न तो प्रधान के हस्ताक्षर हैं और न ही मुहर लगी है। प्रधान का कहना है कि दूरभाष पर सचिव से संपर्क करने पर उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि “आप निर्वाचित प्रधान नहीं, मनोनीत हैं, इसलिए ओटीपी की कोई आवश्यकता नहीं है, भुगतान ऐसे ही हो जाता है।” यह जवाब न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। प्रधान ने आगे आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत में दो सफाई कर्मी नियुक्त बताए जा रहे हैं, लेकिन आज तक न तो उनकी जानकारी प्रधान को दी गई और न ही वे कभी दिखे, इसके बावजूद उनके नाम पर लगातार भुगतान किया जा रहा है। वहीं, ग्राम पंचायत सचिवालय की चाभी भी सचिव के पास ही रखी गई है, जिससे पंचायत कार्यों पर प्रधान का कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ग्राम पंचायत का सरकारी डोंगल भी सचिव के कब्जे में है, जिसे लगभग दस माह से मनोनीत प्रधान को उपलब्ध नहीं कराया गया। प्रधान का आरोप है कि जिन कार्यों को धरातल पर किया ही नहीं गया, उनका भी भुगतान करा लिया गया है, जो सीधे-सीधे सरकारी धन के गबन की ओर इशारा करता है। प्रधान और ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण को अत्यंत गंभीर बताते हुए जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेते हैं या फिर ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार का यह खेल यूं ही चलता रहेगा। वही इसकी जानकारी जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण से सेल फोन पर वार्ता हुई तो उन्होंने जानकारी दिया कि ऐसी कोई बात नहीं है दोनों लोगो को बुलाया गया है दोनों को आने के बाद बात स्पष्ट होंगी की क्या मामला है।
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