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पीलीभीतः संघर्ष से सफलता तक! जनपद का नाम रोशन कर रहे हैं पुनीत पाठक


पीलीभीत। गांव की कच्ची पगडंडियों से निकलकर प्रशासनिक सेवा की ऊँचाइयों तक पहुँचना आसान नहीं होता। जब कोई युवा सीमित संसाधनों, पारिवारिक संघर्षों और कठिन परिस्थितियों को पार कर सफलता प्राप्त करता है, तो उसकी कहानी केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं रहती, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा बन जाती है। ऐसी ही प्रेरक कहानी है आदर्श किसान इंटर कॉलेज, गजरौला कलां के पूर्व छात्र पुनीत पाठक की।थाना गजरौला कलां क्षेत्र के ग्राम बकैनिया ताल्लुका महद (पोस्ट शिवनगर) में वर्ष 1990 में जन्मे पुनीत पाठक एक साधारण किसान परिवार से हैं। उनके पिता स्वर्गीय धरनी धर पाठक और माता संतोष कुमारी ने सीमित साधनों के बावजूद बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। पाँच बहनों के बीच चैथे स्थान पर जन्मे पुनीत ने बचपन से ही संघर्ष, जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता को नजदीक से देखा, जिसने उनके व्यक्तित्व को मजबूत आधार दिया।पुनीत ने प्रारंभिक शिक्षा गांव से ही प्राप्त की। कक्षा 6 से 8 तक उन्होंने पूर्व माध्यमिक विद्यालय इटोरिया में अध्ययन किया, जबकि कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई आदर्श किसान इंटर कॉलेज, गजरौला कलां से पूरी की। वर्ष 2007 में इंटरमीडिएट परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर उन्होंने न केवल विद्यालय बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया।इस उपलब्धि में तत्कालीन प्रधानाध्यापक जगदीश चंद्र मिश्रा सहित शिक्षकगण कन्हैया लाल, गंगाराम, दिलीप मंडल, मदनलाल, वेद प्रकाश वर्मा एवं मीना श्रीवास्तव का मार्गदर्शन अहम रहा।

इसके बाद उन्होंने चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्यपाल द्वारा सिल्वर मेडल से सम्मानित हुए। परास्नातक स्तर पर आईसीएआर जेआरएफ परीक्षा में ऑल इंडिया 13वीं रैंक प्राप्त कर उन्होंने चैधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार में प्रवेश लिया। वर्ष 2015 में गोविंद बल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय, पंतनगर से पीएचडी के लिए भी चयन हुआ।साल 2015 में पिता की गंभीर बीमारी ने उनके जीवन की दिशा बदल दी। पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण उन्हें पीएचडी बीच में ही छोड़नी पड़ी। उन्होंने केंद्रीय भंडारण निगम, नांदेड़ (महाराष्ट्र) में नौकरी ज्वाइन की, लेकिन पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी संभालने के लिए नौकरी से इस्तीफा देकर कृषि विभाग में सेवाएं देना प्रारंभ किया। इस कठिन दौर में माता संतोष कुमारी परिवार की मजबूत धुरी बनकर खड़ी रहीं।संघर्षों के बावजूद पुनीत ने हार नहीं मानी। उनका चयन केंद्रीय भंडारण निगम, भारतीय खाद्य निगम (थ्ब्प्), कृभको सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों में हुआ। वे असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए भी चयनित रहे। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जनपद में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।वर्तमान में पुनीत पाठक जिला उद्यान अधिकारी, शाहजहांपुर के पद पर कार्यरत हैं तथा खंड विकास अधिकारी, निगोही का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे हैं। उनकी ईमानदार कार्यशैली, प्रशासनिक दक्षता और सरल स्वभाव उन्हें विशिष्ट पहचान दिला रहा है।

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