बाराबंकी। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित लोकसभागार में जिला शिक्षा परियोजना समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक सहित सभी संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी व खण्ड शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि बच्चों के शैक्षिक स्तर में निरंतर सुधार और विद्यालयों में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करना शिक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रार्थना सभा के दौरान कराए जा रहे विषय आधारित भाषण कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करते हुए न्याय पंचायत, ब्लॉक एवं जनपद स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं। उन्होंने बताया कि कक्षा 6 से 8 तक भाषण प्रतियोगिता, कक्षा 4 व 5 के लिए कहानी प्रतियोगिता तथा कक्षा 1 से 3 के विद्यार्थियों के लिए कविता प्रतियोगिता कराई जाए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को ब्लॉक से जनपद स्तर तक पुरस्कृत किया जाएगा, जिससे बच्चों में आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति क्षमता का विकास हो सके।बैठक में जिलाधिकारी ने कम उपस्थिति और कमजोर शैक्षणिक स्तर वाले विद्यालयों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों से कहा कि अपने-अपने विकास खण्ड में ऐसे 20 चिन्हित विद्यालयों की पहचान कर प्रधानाध्यापकों के साथ बैठक कर ठोस कार्ययोजना तैयार करें और उसकी नियमित समीक्षा सुनिश्चित करें। साथ ही कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष फोकस करते हुए जिन बच्चों के अधिगम स्तर में सुधार हुआ है, उन्हें प्रोत्साहित कर सम्मानित किया जाए।जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की शैक्षिक उन्नति ही प्रशासन और शिक्षा विभाग का मुख्य उद्देश्य है, जिसके लिए सभी अधिकारियों और शिक्षकों को समन्वित प्रयास करने होंगे। बैठक में कायाकल्प, डीबीटी, मध्यान्ह भोजन योजना, विद्यालय निरीक्षण तथा अन्य शैक्षिक गतिविधियों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
