शाहबाद। जनपद रामपुर में मजदूरों से संबंधित प्राप्त एक शिकायत का जिलाधिकारी रामपुर अजय कुमार द्विवेदी द्वारा तत्काल संज्ञान लिया गया। शिकायत की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए जिलाधिकारी द्वारा उप जिलाधिकारी शाहबाद को त्वरित रूप से मौके पर पहुंचकर जांच एवं आवश्यक कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए।
निर्देशों के क्रम में उप जिलाधिकारी शाहबाद द्वारा थानाध्यक्ष सैफनी के साथ सुल्तान ब्रिक वर्क्स, ग्राम बडांगांव, थाना सैफनी, तहसील शाहबाद में स्थलीय निरीक्षण एवं विस्तृत जांच की गई। जांच के दौरान शिकायतकर्ता महिपाल एवं राजकुमार द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में मौके पर उपस्थित समस्त मजदूरों को एकत्र कर विस्तारपूर्वक पूछताछ की गई।
पूछताछ के दौरान मजदूरों द्वारा बताया गया कि वे उक्त ईंट-भट्टे पर आगे कार्य नहीं करना चाहते हैं तथा अपने गृह जनपद वापस जाना चाहते हैं। मजदूरी भुगतान के संबंध में की गई जांच में यह तथ्य सामने आया कि कुल 13 परिवारों के 25 व्यक्ति (महिलाएं एवं बच्चे सहित) विगत लगभग 05 दिवस से भट्टे पर कार्यरत थे, जिन्हें अब तक कुल 32,500ध्- की धनराशि का भुगतान किया जा चुका है तथा किसी प्रकार का कोई बकाया देय नहीं पाया गया।
जांच के दौरान यह भी संज्ञान में आया कि मजदूरों में सम्मिलित कुछ महिलाएं अस्वस्थ होने के कारण कार्य करने में असमर्थ थीं, जिसके चलते वे अपने गृह जनपद लौटना चाहती थीं। साथ ही यह स्थिति भी सामने आई कि भट्टा स्वामी द्वारा मजदूरों को उनके गृह जनपद जाने से रोका जा रहा था।
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए थानाध्यक्ष सैफनी द्वारा तत्परता एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए समस्त मजदूरों को उनकी इच्छा के अनुरूप सपरिवार बहजोई, जनपद संभल के लिए एक बड़े वाहन से सकुशल रवाना कराया गया। मजदूरों द्वारा किसी प्रकार की कार्रवाई न किए जाने का अनुरोध भी किया गया।
इस अवसर पर भट्टा स्वामी को कठोर निर्देश दिए गए कि भविष्य में इस प्रकार की किसी भी घटना की पुनरावृत्ति न हो। भट्टा स्वामी द्वारा अपनी त्रुटि स्वीकार करते हुए क्षमायाचना भी की गई।
जनपद प्रशासन द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि मजदूरों के हितों के संरक्षण एवं उनके अधिकारों की रक्षा हेतु किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शोषण को कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
