Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS

बाराबंकीः शबरी की भक्ति से श्रीराम ने दिया सामाजिक समरसता का संदेश! श्रीराम कथा में सीता हरण, जटायु मोक्ष और हनुमान मिलन के प्रसंगों से भाव-विभोर हुए श्रद्धालु


बाराबंकी । श्रीराम कथा के पावन मंच से पूज्य  अतुल कृष्ण भारद्वाज  महाराज ने श्रोताओं को भक्ति, त्याग और सामाजिक समरसता का गहन संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शबरी की निष्काम भक्ति से प्रभावित होकर प्रभु श्रीराम ने उसके जूठे बेर प्रेमपूर्वक ग्रहण किए और यह सिद्ध कर दिया कि भगवान की भक्ति में जाति-पाति और ऊंच-नीच का कोई स्थान नहीं होता।

कथा के दौरान महाराज जी ने सीता हरण, जटायु मोक्ष, शबरी भेंट और हनुमान मिलन के प्रसंगों को अत्यंत भावपूर्ण शैली में प्रस्तुत किया, जिससे पंडाल में उपस्थित हजारों श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। प्रतिदिन श्रीराम कथा में भारी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति श्रद्धा और आस्था का जीवंत प्रमाण बन रही है।स्वर्ण मृग (सोने के हिरण) के प्रसंग का उल्लेख करते हुए व्यास पीठ से अतुल कृष्ण महराज ने कहा कि जब भक्ति भगवान से हटकर भौतिक आकर्षणों की ओर मुड़ जाती है, तब जीव प्रभु-प्राप्ति के मार्ग से भटक जाता है। माता सीता सोने के हिरण को चाहने लगीं, उसी क्षण वे प्रभु श्रीराम रूपी ‘सोने’ को विस्मृत कर बैठीं ,यही जीवन का बड़ा संदेश है कि मोह ही सबसे बड़ा बंधन है।

जटायु के प्रसंग की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि जो दूसरों की रक्षा और सेवा के लिए अपने प्राण तक न्योछावर कर देता है, उसकी चिंता स्वयं भगवान करते हैं। माता सीता की रक्षा में अपने प्राण त्यागने वाले जटायु को प्रभु श्रीराम ने अपनी गोद में स्थान देकर मोक्ष प्रदान किया। इसी कारण तुलसीदास जी ने जटायु को ‘मानस का परम बड़भागी’ कहा है।शबरी प्रसंग में महाराज जी ने कहा कि भगवान की साधना में केवल प्रेम और समर्पण की आवश्यकता होती है। शबरी की अनन्य भक्ति से प्रसन्न होकर श्रीराम ने उन्हें नवधा भक्ति का उपदेश दिया और समाज को समरसता का अमर संदेश दिया।सुग्रीव मिलन और बालि वध के प्रसंगों के माध्यम से व्यास जी ने यह स्पष्ट किया कि अधर्म चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, उसका अंत निश्चित है। अंततः धर्म की ही विजय होती है ,यही श्रीराम कथा का शाश्वत सत्य है।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |