मुरादाबाद। माए तेरे पोतरे शहीदी पा गए! निहा विच आखिरी फतेह बुला गए!! वीर बाल दिवस (साहिबजादा शहादत दिवस) के अवसर पर महानगर के ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाज सेवी गुरप्रीत सिंह दुआ ने कल लखनऊ स्थित 5- कालिदास मार्ग, मुख्यमंत्री आवास पर सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। उक्त अवसर पर उन्होने जहां श्री योगी आदित्यनाथ को सम्मानित किया वही एक सदेष भी दिया। एक सम्मानित चित्र के माध्यम से उन्होने बीर शहीदो को याद किया। वरिष्ठ समाज सेवी गुरप्रीत सिंह दुआ के बारे मे यादि बात करे तो श्री दुआ समाज की सेवा मे निरन्तर अग्रसर रहते है। उनकी समाज सेवा से गरीब हो या जरूरमंद सभी सररहना करते है। वीर बाल दिवस (साहिबजादा दिवस) को लेकर श्री दुआ ने बताया कि गुरु गोबिंद सिंह जी के बेटों के बलिदानों के सम्मान में मनाया जाता है. श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के बेटे बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह ने छोटी उम्र में ही धर्म की रक्षा के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी थी. ये दोनों छावा की तरह दहाड़ते थे और आज भी इनकी शहादत लोगों को याद है । गौरतलब हो कि हर साल 26 दिसंबर को पूरे देश में वीर बाल दिवस मनाया जाता है. वीर बाल दिवस (साहिबजादा दिवस) गुरु गोबिंद सिंह जी के बेटों के बलिदानों के सम्मान में मनाया जाता है. श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के बेटे बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह ने छोटी उम्र में ही धर्म की रक्षा के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी थी. ये दोनों छावा की तरह दहाड़ते थे और आज भी इनकी शहादत लोगों को याद है. 10 साल से भी कम उम्र में दोनों मुगल शासकों की क्रूरता के खिलाफ डटकर खड़े रहे. मुगल शासकों ने बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह को पकड़कर उनपर धर्म परिवर्तन का काफी दबाव डाला था. लेकिन उनका सिर मुगल शासकों के सामने झुका नहीं। अपनी हार को मुगल शासक बर्दाश्त नहीं कर पाए और उन्होंने श्री गुरु गोबिंद सिंह के बेटों को दीवार में जिंदा चिनवा दिया था. वहीं अपने पोतों की शहादत की खबर जैसे ही माता गुजरी जी को मिली तो उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए। उक्त अवसर पर इस अवसर पर मंत्री बलदेव सिंह औलख विधायक हरि सिंह ढिल्लों जी अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सरदार परविंदर सिंह मौजूद रहे।
मुरादाबादः वीर बाल दिवस पर वरिष्ठ समाज सेवी गुरप्रीत सिंह दुआ ने सीएम योगी से की मुलाकात, किया सम्मानित
December 27, 2025
मुरादाबाद। माए तेरे पोतरे शहीदी पा गए! निहा विच आखिरी फतेह बुला गए!! वीर बाल दिवस (साहिबजादा शहादत दिवस) के अवसर पर महानगर के ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाज सेवी गुरप्रीत सिंह दुआ ने कल लखनऊ स्थित 5- कालिदास मार्ग, मुख्यमंत्री आवास पर सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। उक्त अवसर पर उन्होने जहां श्री योगी आदित्यनाथ को सम्मानित किया वही एक सदेष भी दिया। एक सम्मानित चित्र के माध्यम से उन्होने बीर शहीदो को याद किया। वरिष्ठ समाज सेवी गुरप्रीत सिंह दुआ के बारे मे यादि बात करे तो श्री दुआ समाज की सेवा मे निरन्तर अग्रसर रहते है। उनकी समाज सेवा से गरीब हो या जरूरमंद सभी सररहना करते है। वीर बाल दिवस (साहिबजादा दिवस) को लेकर श्री दुआ ने बताया कि गुरु गोबिंद सिंह जी के बेटों के बलिदानों के सम्मान में मनाया जाता है. श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के बेटे बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह ने छोटी उम्र में ही धर्म की रक्षा के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी थी. ये दोनों छावा की तरह दहाड़ते थे और आज भी इनकी शहादत लोगों को याद है । गौरतलब हो कि हर साल 26 दिसंबर को पूरे देश में वीर बाल दिवस मनाया जाता है. वीर बाल दिवस (साहिबजादा दिवस) गुरु गोबिंद सिंह जी के बेटों के बलिदानों के सम्मान में मनाया जाता है. श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के बेटे बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह ने छोटी उम्र में ही धर्म की रक्षा के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी थी. ये दोनों छावा की तरह दहाड़ते थे और आज भी इनकी शहादत लोगों को याद है. 10 साल से भी कम उम्र में दोनों मुगल शासकों की क्रूरता के खिलाफ डटकर खड़े रहे. मुगल शासकों ने बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह को पकड़कर उनपर धर्म परिवर्तन का काफी दबाव डाला था. लेकिन उनका सिर मुगल शासकों के सामने झुका नहीं। अपनी हार को मुगल शासक बर्दाश्त नहीं कर पाए और उन्होंने श्री गुरु गोबिंद सिंह के बेटों को दीवार में जिंदा चिनवा दिया था. वहीं अपने पोतों की शहादत की खबर जैसे ही माता गुजरी जी को मिली तो उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए। उक्त अवसर पर इस अवसर पर मंत्री बलदेव सिंह औलख विधायक हरि सिंह ढिल्लों जी अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सरदार परविंदर सिंह मौजूद रहे।
