•सुबह 5 बजे सड़कों पर उतरे नगर आयुक्त स्वच्छता से लेकर शीतकालीन राहत तक लिया जमीनी जायजा
•बोले निराश्रितों की सुरक्षा सर्वोपरि, कोई भी खुले में न सोए, अधिकारियों को सख्त निर्देश
•शीतकालीन राहत पर सख्ती मानवीय संवेदनाओं के साथ प्रशासन सक्रिय
सनेश ठाकुर
मुरादाबाद (विधान केसरी)। नगर की व्यवस्थाओं को परखने और जनहित के कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगर आयुक्त श्री दिव्यांशु पटेल ने बुधवार तड़के प्रातः 5 बजे नगर निगम मुरादाबाद की स्वच्छता, प्रदूषण नियंत्रण एवं शीतकालीन राहत व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। अचानक हुए इस निरीक्षण से निगम अमले में हलचल मच गई और फील्ड स्तर पर कार्यों की वास्तविक स्थिति सामने आई। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, द्वितीय कचरा संग्रहण व्यवस्था, मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग, डिवाइडर वॉशिंग तथा वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए जा रहे कार्यों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि स्वच्छता कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कार्य तय मानकों के अनुसार समयबद्ध रूप से पूरे हों।
औचक निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति का सत्यापन किया गया तथा जहां भी कमियां पाई गईं, वहीं सुधारात्मक निर्देश जारी किए गए, जिससे कार्यों में जवाबदेही और प्रभावशीलता बनी रहे। शीत ऋतु को ध्यान में रखते हुए नगर आयुक्त ने निराश्रित व्यक्तियों के लिए संचालित स्थायी एवं अस्थायी शेल्टर होम का भी गहन निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रवर्तन दल प्रतिदिन रात के समय रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों का भ्रमण कर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी निराश्रित व्यक्ति खुले में न सोए और सभी को सुरक्षित शेल्टर होम तक पहुंचाया जाए। नगर निगम द्वारा शहर के 56 चिन्हित स्थलों पर प्रतिदिन अलाव की व्यवस्था की जा रही है। वर्तमान में 9 स्थायी एवं 2 अस्थायी शेल्टर होम पूरी क्षमता के साथ संचालित हैं, जहां रसोई, शौचालय, स्नानघर, गर्म पानी, बिजली, बेड, कंबल, रजाई, आरओ पेयजल, फर्स्ट एड बॉक्स सहित सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। नगर आयुक्त श्री दिव्यांशु पटेल ने स्पष्ट किया कि शीतकाल के दौरान नगर निगम की सभी टीमें मानवीय संवेदनाओं के साथ जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें, ताकि कोई भी नागरिक या निराश्रित व्यक्ति ठंड से प्रभावित न हो।
