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सोनभद्र। राष्ट्रीय चेरो जनजाति महासंघ ने सीएम से मिल खनन हादसे में हुए घटना को लेकर लखनऊ मुख्यालय से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग।

सम्बोधन में कहा कि पीड़ित परिवार को खदान मालिक के द्वारा 50, 50 लाख रु दिया जाय दोषियों पर कार्यवाही की जाय।

सोनभद्र। ओबरा विधानसभा के बिल्ली मारकुंडी क्षेत्र में पत्थर खनन हादसे में सात मजदूरों के दब कर मौत   को लेकर हरिराम चेरो ने आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के नाते बहुत ही पिछड़ा है। 15 नवम्बर 2025, को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती धूमधाम से चोपन स्थित रेलवे ग्राउंड में मनाई गई। जिसमें दूर-दराज से हमारे आदिवासी समाज के लोगों ने काफी संख्या में बढ़ चढ़ कर भाग लिया। आपके उद्बोधन को सुना लोगों ने आपके विचारों को सराहा और भूरी भूरी प्रशंसा की। लेकिन अधिकारियों के गलत निर्णय के कारण एक तरफ आपका कार्यक्रम चल रहा था। और दूसरी तरफ पत्थर खदान में हादसा हो गया जबकि सभी पत्थर खदानों में कार्य बंद थे, लेकिन दो खदान को चलाया जा रहा था। जिसमें एक खादान में हादसा हो गया। जिसमें सात मजदूरों की दबकर मौत हो गई। काफी मशक्कत के बाद आपके दिशा निर्देश पर उन मृतक के शवों को निकाला गया परंतु उन पीड़ित परिवारों को अभी तक मुआवजा /आर्थिक सहायता नहीं दिया गया, तथा आपके आदेश का पालन अधिकारी नहीं कर रहे हैं। जिससे कि पीड़ित परिवार के आश्रित अपने परिवार के भरण पोषण में बहुत ही कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में लखनऊ मुख्यालय से एक उच्च स्तरीय जांच कराते हुए पीड़ित परिवार को खदान मालिक के द्वारा 50, 50 लाख रुपए मदद दिलायी जाये, क्योंकि हमारा जनपद-सोनभद्र आदिवासी क्षेत्र है यहां पर 60 प्रतिशत आदिवासी गांव में निवास करते हैं जिस क्षेत्र में घटना घटी है। इस क्षेत्र के हमारे समाज कल्याण मंत्री संजीव सिंह गौड़ मंत्री जी का निर्वाचन क्षेत्र भी है। जिस समय आपका उद्बोधन चल रहा था उसी समय यह घटना घटी थी लेकिन अधिकारियों ने इसे दबा दिया। महोदय यदि घटना की आपको जानकारी हो गई होती तो आप निश्चित ही उन आदिवासियों परिवारों के दर्द पीड़ा को देखने स्वयं घटनास्थल पर जाते। क्योंकि सभा स्थल से मात्र 6 किलोमीटर दूर यह घटना घटी थी मुझे विश्वास है कि आप तक यह आवाज गई होती तो निश्चित आप उस स्थान पर गए होते। लेकिन अधिकारियों ने आपके जाने के बाद इस घटना की जानकारी काफी देर के बाद दिया गया होगा। उक्त प्रकरण की गंभीरता को स्वतः संज्ञान लेते हुए पीड़ित परिवारों को खनन मालिकों से 50-50 लाख रू० आर्थिक मदद कराते हुए दोषी अधिकारी / कर्मचारियों एवं खनन ठेकेदारों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करने की कृपा करें।

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