रामनगर/ बाराबंकी। प्रसिद्ध तीर्थ लोधेश्वर महादेव धाम में चल रहे महादेवा महोत्सव का तीसरा दिन भक्ति, भाव और कला के अद्वितीय संगम का साक्षी बना। बुधवार की सांस्कृतिक संध्या में मंच पर सजी ष्मयूर महारासष् की भव्य प्रस्तुति ने उपस्थित श्रद्धालुओं को मानो ब्रजधाम की गलियों और वृंदावन की कुंजों तक पहुँचा दिया।शाम साढे चार बजे शुरू हुए मुख्य कार्यक्रम में रस-रंग संस्कृति संस्था, लखनऊ की ओर से ष्मयूर महारासष् प्रस्तुत किया गया, जिसका निर्देशन प्रख्यात कलाकार सरिता यादव ने किया। वर्ष 2010 से रंगमंच, कथक और लोकनृत्य की दुनिया में सक्रिय सरिता यादव भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय से मणिपुरी और लोकनृत्य में औपचारिक शिक्षित हैं। महादेवा महोत्सव से उनका विशेष भावनात्मक जुड़ाव रहा है और वर्ष 2017 से वे लगातार अपनी सशक्त और संवेदी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं का हृदय जीतती आ रही हैं। राष्ट्रीय स्तर की कलाकार सरिता यादव मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बंगाल, राजस्थान, बिहार, असम, रायगढ़ सहित उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों में अपनी कला का परचम लहरा चुकी हैं।
बुधवार की संध्या पूरी तरह भगवान श्रीकृष्ण की मनोहर लीलाओं को समर्पित रही। मंच पर एक के बाद एक प्रस्तुत हुए नृत्य-नाट्यों ष्कान्हा मोहे एसो बनियो मोरष्, ष्राधे राधे कृष्णष्, “कान्हा बरसाने में आए जैयो” तथा “श्रीकृष्ण के तीन रूपों द्वारा फूलों की होली”ने वातावरण को अलौकिक बना दिया।हर मुद्रा, हर भाव, हर घुमाव के साथ जैसे कलाकारों ने ब्रज की गोपियों की तड़प, राधा के विरह और कान्हा की नटखटता को जीवंत कर दिया। कई क्षणों पर दर्शकों की आंखें नम हो उठीं तो कई बार तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा पंडाल गूंज उठा।भरत, अंशू, सरिता यादव, गौरी, राहुल, शिवा और पायल सहित सभी कलाकारों ने अपनी साधना और समर्पण से ऐसा प्रभाव उत्पन्न किया कि भक्तजन मंत्रमुग्ध होकर देर तक मंच की ओर निहारते रह गए। मोहक वेश-भूषा, सुर और ताल की सधी संगत तथा नृत्य की गहरी अभिव्यक्ति ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। फूलों की होली के दृश्य में जब मंच से रंगों और पुष्पों की वर्षा हुई, तो श्रद्धालु भी अपने को उस लीला का सहभागी महसूस करने लगे।
तीसरे दिन के इन आकर्षक और भावपूर्ण आयोजनों ने महादेवा महोत्सव की सांस्कृतिक छटा को और अधिक निखार दिया। भक्तों के चेहरों पर संतोष, शांति और आध्यात्मिक आनंद की चमक साफ झलक रही थी।
इस अवसर पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गुंजिता अग्रवाल, तहसीलदार विपुल सिंह, नायब तहसीलदार विजय प्रकाश तिवारी, पूर्व विधायक शरद कुमार अवस्थी, समाजसेवी गौरीकांत दीक्षित सहित अनेक गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में श्रोतागण मौजूद रहे। महादेव धाम की पावन भूमि पर कला, भक्ति और भावनाओं का यह अनूठा संगम देर रात तक लोगों के हृदय में गूंजता रहा।
