पीलीभीत। गांधी सभागार में बुधवार देर शाम आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने विभागवार समीक्षा के बाद कई अहम निर्देश दिए। बैठक में सड़क सुरक्षा, यातायात सुधार और दुर्घटनाओं की रोकथाम के उपायों पर विस्तृत चर्चा हुई।
नो हेलमेट-नो फ्यूल अभियान जारीरू एआरटीओ ने बताया कि प्रदेश में 1 सितंबर से 30 सितंबर तक पेट्रोल पंपों पर नो हेलमेट-नो फ्यूल अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी ने आदेश दिया कि यह अभियान जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर निरंतर जारी रहेगा। हेलमेट न पहनने वाले चालकों पर पुलिस और परिवहन विभाग कार्रवाई करेगा। नाबालिगों द्वारा ई-रिक्शा चलाने पर रोकरू विशेष अभियान चलाकर नाबालिगों द्वारा ई-रिक्शा संचालन पर रोक लगाई जाएगी। प्रत्येक ई-रिक्शा पर मालिक का नाम और मोबाइल नंबर अंकित करने के निर्देश दिए गए। सड़क पर दृश्यता बढ़ाने और बेसहारा गोवंश हटाने के निर्देशरू बड़े पेड़ों की शाखाओं की छंटाई करने और बेसहारा गोवंश को मुख्य मार्गों से हटाकर गौशालाओं में भेजने का आदेश। उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति गठित होगी।
असम चैराहे पर ओवरब्रिज निर्माण में तेजीरू निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
ग्राम स्तर पर सड़क सुरक्षा समितियांरू प्रत्येक गांव में ग्राम सड़क सुरक्षा समिति बनाए जाने का निर्णय। इसमें ग्राम प्रधान अध्यक्ष और ग्राम पंचायत सचिव सचिव होंगे। समिति में आशा-आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, कोटेदार, विद्यालय प्रधानाचार्य, पीएचसी चिकित्सा अधिकारी और पुलिस बीट प्रभारी शामिल होंगे। समिति संभावित दुर्घटनास्थलों की रिपोर्ट जिला स्तर पर भेजेगी।
स्कूलों की छुट्टी से लगने वाले जाम का समाधानरू छुट्टी समय में 15-30 मिनट का अंतर रखा जाएगा, ताकि यातायात दबाव कम हो। राहवीर और हिट एंड रन योजना पर जोररू राहवीर योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल को अस्पताल पहुँचाने वाले व्यक्ति को 25,000 रुपये की पुरस्कार राशि मिलेगी। हिट एंड रन योजना में मृतक के परिजनों को 2 लाख और घायल को 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। अन्य निर्देशरू ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवाएं बढ़ाने और पूरनपुर बस स्टैंड को सुचारू रूप से संचालित करने के निर्देश। मानक से अधिक रोशनी देने वाली फॉग लाइट वाले वाहनों पर कार्रवाई। बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व, सीएमओ, नगर मजिस्ट्रेट, सीओ यातायात, एआरटीओ, बेसिक शिक्षा अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, तहसीलदार, नगरपालिका अधिकारी, पीडब्ल्यूडी, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं एनएचएआई सहित अन्य विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
