बाराबंकी। प्रकाश पर्व के अवसर पर नव उमंग साहित्य संस्थान द्वारा ग्राम मंगलपुर स्थित साधन सहकारी समिति प्रांगण में कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ज्ञानेंद्र पांडेय ‘अवधी मधुरस’ ने की, जबकि संचालन वेद प्रकाश सिंह ‘प्रकाश’ ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में संत शरण वर्मा ‘उमंग’ और विशिष्ट अतिथि भवानी प्रसाद तिवारी ‘कमल’ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ संत प्रसाद ‘जिज्ञासु’ की सरस्वती वंदना से हुआ। कवि इन्द्र प्रसाद ‘रत्नेश’ ने “दीपक से दीपक जलै बढ़ि जावै उजियार” सुनाकर माहौल को भक्ति भाव से भर दिया। सत्यदेव ‘अज्ञ’ ने “अवध नगरी जरै जगमग दियनवा” तो भवानी प्रसाद ‘कमल’ ने “मिल जुल के सभी प्यार के दीपक जलायेंगे” जैसी रचनाओं से समरसता का संदेश दिया।हास्य-व्यंग्य के कवि सुनील वाजपेयी ‘शिवम्’ ने “पेट अहं के दर्द से उसका मरोड़ रहा है३” जैसी पंक्तियों से सामाजिक विडंबनाओं पर तीखा प्रहार किया। आकाश पांडेय ने अपनी गजल “तंज दे दे के कोई रुलाता रहा३ से श्रोताओं की वाहवाही लूटी।
रंजीत ‘बेचैन’, कुमार आयुष और सौरभ वर्मा ‘हंसमुख’ ने प्रेम और संवेदना से भरे गीत प्रस्तुत किए। अंत में वेद प्रकाश सिंह ‘प्रकाश’ और जितेन्द्र त्रिवेदी ‘पार्थ’ सहित अन्य कवियों ने प्रकाश पर्व पर विविध रसों से ओतप्रोत रचनाएँ सुनाकर गोष्ठी को यादगार बना दिया।
