छिबरामऊ/कन्नौज। तिरंगा तिराहे पर अमर शहीद भगत सिंह जी की जयंती पर आयोजित शहीद रज कलश यात्रा के शहर से गुजरने के दौरान छिबरामऊ के अमर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय जुगल किशोर सक्सेना की विरासत को संरक्षित कर आगे बढ़ाने वाले उनके पौत्र हिमांशु सक्सेना पुत्र स्वर्गीय सुप्रभाष चंद्र सक्सेना का कलश यात्रा के आयोजकों द्वारा माल्यार्पण कर तथा स्मृति चिन्ह देकर विशेष तौर पर सम्मान किया गया।
इस अवसर पर शहीदों तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के निवास स्थानों से ली गई मिट्टी से भरा हुआ शहीद रज कलश लेकर सभी के द्वारा सर माथे से लगाकर मालाएं पहनाई गई।कलश को हाथों में लेकर वीर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व जुगल किशोर सक्सेना के पौत्र हिमांशु सक्सेना द्वारा एक छोटी सी यात्रा भी निकाली गई , जिसमें भारत माता की जय तथा वंदे मातरम के गगनभेदी नारों से आसमान गूंज उठा।इस अवसर पर सक्सेना द्वारा कन्नौज के स्वतंत्रता इतिहास पर लिखित पुस्तक भी सभी वेटरन्स को भेंट की गई। हिमांशु सक्सेना द्वारा अवगत कराया गया कि यह यात्रा सन 2016 से अनवरत चल रही है तथा मैनपुरी जिला मुख्यालय से प्रारंभ होकर शहीद मंदिर काकोरी , लखनऊ में प्रत्येक वर्ष समाप्त होती है।यात्रा के आयोजक श्री धर्मेंद्र अज्ञानी द्वारा अवगत कराया गया कि इस बार की यह शहीद रज कलश यात्रा बहुचर्चित काकोरी कांड के 100 वर्ष पूर्ण होने की वजह से अत्यंत महत्वपूर्ण है।इस यात्रा का समापन दिनांक 28 सितंबर को काकोरी में होगा जहां पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिजन सम्मान समारोह के साथ-साथ सैनिक सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा।
श्री हिमांशु सक्सेना को सम्मानित किए जाने के अवसर पर यात्रा के मुख्य संयोजक मनीष यादव दशहरी,सतेन्द्र सिंह फौजी,राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरुबख्श सिंह के अलावा, नंद राम सिंह समेत कई वेटरन तथा सैकड़ों देशभक्त स्वयंसेवी मौजूद रहे।
