राजगढ़/मिर्जापुर। स्थानीय विकासखंड क्षेत्र के दरवान ग्राम पंचायत में घटिया मैटेरियल से प्राथमिक विद्यालय के मूल भवन का निर्माण कराए जाने पर ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए निर्माण कार्य को लगभग एक सप्ताह पहले बंद कराया था। परन्तु पुनः कार्यदाई संस्था द्वारा घटिया सामग्री से ही निर्माण कार्य शुरू कराया गया है। जिससे ग्रामीण निर्माणाधीन मूल भवन का जांच कराने की जिलाधिकारी से मांग किये है।
विकासखंड के दरवान ग्राम पंचायत में जर्जर हुए प्राथमिक विद्यालय के भवन को हटाकर उसके स्थान पर यूपी सिडको विभाग की ओर से लगभग तेरह लाख रुपये की लागत से कार्यदाई संस्था के माध्यम से मूल भवन का निर्माण कराया जा रहा है। विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक कल्लूराम विन्द,शेर सिंह,लक्ष्मण,श्याम पाल,सुनील कुमार सहित अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि मूल भवन सरकारी मानक के विपरीत बनाया जा रहा है।विद्यालय मूल भवन निर्माण में घटिया किस्म के इट लगाई जा रही हैं तथा सरकारी मानक को ताख पर रखकर एक नौ के अनुपात में सीमेंट व बालू मिलाकर विद्यालय भवन के दीवार की जोड़ाई की जा रही है। साथ मानक के अनुसार खिड़की दरवाजे भी नहीं लगाई जा रहे हैं तथा मूल भवन की नींव में बालू के बजाय भस्सी का प्रयोग किया गया है। अवर अभियंता श्यामधर की देख रेख में कार्यदाई संस्था निर्माण कार्य कर रही है। क्षेत्र के लोगो का कहना है कि अवर अभियंता श्यामधर यादव की देखरेख में लगभग एक वर्ष पहले बना प्राथमिक विद्यालय राजगढ़ द्वितीय का मूल भवन भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ चुका है। विद्यालय भवन शिक्षा विभाग को हैंडओवर होने से पहले ही टपकने लगा तथा दीवारो में दरारें फट गई थी। जिसकी खबर अखबार में छपने के बाद उच्चाधिकारियों द्वारा जाच भी की गई थी। अब इसी अवर अभियंता की देखरेख में निर्माणाधीन प्राथमिक विद्यालय दरवान का मूल भवन भी भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ रहा है। जिससे ग्रामीण निर्माणाधीन मूल भवन का जांच कराने के लिए जिलाधिकारी से मांग किये है। ताकि विद्यालय भवन का निर्माण मानक के अनुरूप हो और भवन को भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ने से बचाया जा सके। इस संबंध में अवर अभियंता श्यामधर ने बताया कि मूल भवन निर्माण कार्य में घटिया मटेरियल के प्रयोग किये जाने की शिकायत मिली है,जल्द ही जांच कराया जाएगा।
