लखनऊ । उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महत्वाकांक्षी योजना में से एक ग्रामीण जन समुदाय के घर के समीप ही स्वास्थ्य सेवा के लिए स्वास्थ्य उपकेंद्र को आयुष्मान आरोग्य मंदिर के रूप में अस्पताल संचालित है।जिसमे वहा पर नियुक्त सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा स्वास्थ्य सुविधा दी जा रही है।
जनपद प्रयागराज के हण्डिया ब्लाक में स्वास्थ्य उपकेंद्र आयुष्मान आरोग्य मन्दिर जगुआ सोधा पर नियुक्त सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी सनत सिंह का भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के द्वारा नेशलन क्वालिटी असोरेन्स स्टैडर्ड टीम ने दी जा रही स्वास्थ्य सुविधा का 87.49 प्रतिशत के साथ क्वालिटी सर्टिफाइड किया ।सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी सनत सिंह ने बताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर प्रतिदिन आये मरीजो का ओपीडी करने के साथ उनको सभी स्वास्थ्य सम्बंधी सुविधा गुणवत्तापूर्वक प्रदान करना हमारी पहली प्राथमिकता होती है और एएनक्यूएस पास करना एक स्वंम में बहुत ही कठिन होता है जिसकी तैयारियां बहुत ही मेहनत से करनी होती है और सभी जरूरी स्वास्थ्य संबंधी मानको को पूरा करने और सफलता पूर्वक नेशनल क्वालिटी असोरेन्स स्टैडर्ड पास करने पर सही मार्गदर्शन,सहयोग और समय समय पर स्थलीय निरीक्षण कर सभी कमियों को दूर कराने में जनपद के स्वास्थ्य विभाग के मुखिया सीएमओ डॉ एके तिवारी ,डिप्टी सीएमओ डॉ रावेंद्र सिंह,डिप्टी सीएमओ डॉ नवीन गिरी ,डिप्टी सीएमओ डॉ हेमंत सिंह,जिला कार्यक्रम प्रबंधक विनोद कुमार सिंह , डीसीपीएम अशफाक अहमद,डी ए एम मुकेश कुमार और डी सी क्यू सी डॉ शुभेंदु विक्रम सिंह का विशेष सहयोग है।
जैसा कि आपको बता दे कि इस स्वास्थ्य केंद्र पर नियुक्त सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी सनत सिंह के द्वारा प्रदेश में सर्वाधिक ओपीडी देखने का भी रिकार्ड इन्ही के नाम है जिसके लिए शासन स्तर और जनपद स्तर से कई बार सम्मानित किया जा चुका है । साथ ही इस स्वास्थ्य केंद्र पर प्रतिदिन जनरल ओपीडी के साथ एनसीडी स्क्रीनिंग,टीबी स्क्रीनिंग और अन्य सभी स्वास्थ्य सुविधा दी जा रही है जो कि डैशबोर्ड पर अच्छी रैकिंग है।
एएनक्यूएस सर्टिफाइड होने पर सीएमओ डॉ. ए.के. तिवारी ने खुशी जाहिर किया और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी सनत सिंह की सराहना भी किया और बताया कि धीरे धीरे जनपद की सभी स्वास्थ्य इकाईयों का प्रमाणीकरण कराया जाना है जिसमें इस कार्य हेतु आ रहे गैप को जल्दी से पूरा कराया जाना है जिसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजे गए है।
