पीलीभीत। गांधी सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में बाल विकास विभाग की जिला पोषण समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी ने विभागीय प्रगति का बिंदुवार प्रस्तुतीकरण किया, जिसके आधार पर जिलाधिकारी ने गहन समीक्षा की।बैठक में पोषण ट्रैकर पर लाभार्थियों के वजन, गृह भ्रमण और राशन की फीडिंग की समीक्षा की गई। गर्भवती माताओं के वजन, पोषण और वजन मशीन की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया गया। जिलाधिकारी ने गर्भवती पंजीकरण, गुणवत्तापरक फीडिंग और कार्यकत्रियों के प्रशिक्षण पर जोर देते हुए निर्देश दिए।
बैठक की शुरुआत में जनपद में तैनात नई मुख्य सेविकाओं ने अपना परिचय दिया। जिलाधिकारी ने उन्हें विभागीय कार्यों का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए और मिशन शक्ति अभियान के प्रति जागरूक किया। साथ ही 15 वर्ष से ऊपर की निरक्षर महिलाओं को साक्षर बनाने का लक्ष्य सौंपते हुए संबंधित विद्यालयों और बीएसए को जानकारी देने के लिए कहा।मुख्य विकास अधिकारी ने “विकसित उत्तर प्रदेश 2047” के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी युगल किशोर सांगुड़ी ने आठों परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। चेहरा प्रमाणीकरण में जनपद की स्थिति 36वें स्थान पर होने पर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया और शत-प्रतिशत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि कार्यकत्रियाँ घर-घर जाकर गर्भवती पंजीकरण और पोषण जागरूकता का कार्य प्रभावी ढंग से करें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, उपायुक्त ग्रामीण आजीविका मिशन, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, सहायक अभियंता आरईडी, डॉ. नीता (पोषण पुनर्वास केंद्र प्रभारी), बाल विकास परियोजना अधिकारी, मुख्य सेविकाएँ, जिला व ब्लॉक समन्वयक मौजूद रहे।
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