राजगढ़/मिर्जापुर। स्थानीय थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़े धूमधाम से जीवित्पुत्रिका का त्योहार मनाया गया। क्षेत्र के रैकरी,रैकरा,धुरकर,गोरथरा,करौंदा आदि कई क्षेत्रों में बड़े धूमधाम से मनाई गई जीवित्पुत्रिका व्रत।
इस वर्ष जीवित्पुत्रिका व्रत 14 सितंबर रविवार को मनाया गया। यह व्रत माताएं अपने बच्चों की सुरक्षा और दीर्घायु के लिए रहती हैं। इस व्रत का विशेष धार्मिक महत्व होता है और इसमें माताएं निर्जला व्रत रखकर संतान की सुख समृद्धि और दीर्घायु की कामना करती हैं। जितिया व्रत की कथा के अनुसार गंधर्व राजकुमार नागवंश की रक्षा की थी और पक्षीराज गरुड़ से उनके प्राणों की रक्षा की थी इसके अलावा एक अन्य कथा के अनुसार भगवान कृष्ण ने अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा के गर्भ में पल रहे शिशु की रक्षा की थी और उसे फिर से जीवित कर दिया था। जितिया व्रत के दिन माताएं सूर्योदय से पूर्व सरगी ग्रहण करती हैं और सूर्य देव के उदित होने पर निर्जला व्रत प्रारंभ हो जाता है,यह व्रत सूर्योदय से अगले दिन सूर्योदय के बाद तक रहता है। आराधना सिंह,चमेला, रेखा,रामसवारी,अनारकली,मंजू देवी आदि महिलाओं ने बड़े ही धूमधाम से उत्साहपूर्वक जीवित्पुत्रिका का व्रत रख त्यौहार मनाया।
