पीलीभीत। जिले में मिशन शक्ति 5.0 अभियान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा केवल पुलिस या प्रशासन का काम नहीं है, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अभियान के तहत विभिन्न स्कूलों और छात्रावासों में बच्चों और युवाओं को महिला सशक्तिकरण, डिजिटल फ्रॉड और साइबर अपराध से बचाव के उपायों के बारे में अवगत कराया गया।आज की तकनीकी दुनिया में बच्चों और युवाओं को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखना एक बड़ी चुनौती है। इसी दिशा में पुलिस विभाग ने छात्रों को हेल्पलाइन नंबर, साइबर हेल्प डेस्क और अन्य सुरक्षा संसाधनों की जानकारी दी। इससे उन्हें न केवल सतर्क रहने का अवसर मिला, बल्कि अपराध के खिलाफ आवाज उठाने का साहस भी मिला।महिला सुरक्षा को लेकर बच्चों और युवाओं को शिक्षा देना अत्यंत आवश्यक है। मिशन शक्ति अभियान ने यह संदेश दिया कि किसी भी प्रकार के अपराध के खिलाफ चुप्पी तोड़ना और सही समय पर मदद लेना समाज में नकारात्मक घटनाओं को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है। यह न केवल महिलाओं के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए सुरक्षा का संदेश है।
अभियान में पुलिस अधिकारियों का सक्रिय मार्गदर्शन, विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों और डिजिटल सुरक्षा उपायों की जानकारी, बच्चों और युवाओं के मन में सुरक्षा और जागरूकता की भावना पैदा करता है। यह कदम निश्चित रूप से जिले में अपराध नियंत्रण और सुरक्षा सुनिश्चित करने में मददगार साबित होगा।संपूर्ण समाज को चाहिए कि वह इस तरह के अभियान में सहयोग करे और बच्चों एवं महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने में सक्रिय भूमिका निभाए। मिशन शक्ति 5.0 केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सुरक्षा, जागरूकता और जिम्मेदारी का प्रतीक है।
