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फर्जीवाड़े का मास्टर है चैतन्यानंद सरस्वती! 40 करोड़ के घपले का हुआ पर्दाफाश


दिल्ली में 17 महिलाओं से छेड़छाड़ के आरोपी बाबा चैतन्यानंद सरस्वती को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब उसको लेकर बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें उसके काले कारनामों की पूरी लिस्ट सामने आई है। मिली जानकारी के मुताबिक, उसने 40 करोड़ रुपए का घपला किया है और उसके पास से 2 पासपोर्ट मिले हैं। इसके अलावा उसके पास से फर्जी विजिटिंग कार्ड भी बरामद किए गए हैं। जिसमें से एक में वह खुद को यूनाइटेड नेशन का परमानेंट एंबेसडर बताता था।

बाबा रुतबा दिखाने के लिए प्रधानमंत्री दफ्तर के नाम का फर्जी इस्तेमाल करता था। वह अपने लोगों से लोगों को फोन करवाता था कि स्वामी जी प्रधानमंत्री दफ्तर से जुड़े हैं।

बाबा के फर्जीवाड़े का कच्चा चिट्ठा सामने आया है। इसके मुताबिक, 1998 में दिल्ली के LG ने वसंत कुंज में शारदा पीठ को प्लॉट आंवटित किया था जिस पर ये मठ है। बाबा को कुछ सीमित कामों के लिए मठ का अटार्नी बनाया गया था। 2008 में बाबा ने बिना इजाजत के कुछ लोगों के साथ मिलकर इंस्टीट्यूट का नाम बदल दिया। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मठ में 40 करोड़ रुपए का घपला किया गया और बिना परमिशन से मठ की प्रॉपर्टी को किराए पर दे दिया गया।

आरोपी बाबा के पास दो पासपोर्ट हैं, पहला पासपोर्ट स्वामी पार्थ सारथी के नाम से और दूसरा पासपोर्ट स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती के नाम से है। बाबा ने यह दोनों पासपोर्ट फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हासिल किए।

पहले पासपोर्ट में बाबा ने अपने पिता का नाम स्वामी घनानंद पुरी और मां का नाम शारदा अंबा लिखाया था। जबकि दूसरे पासपोर्ट में उसने अपने पिता के नाम की जगह अपने गुरु का नाम स्वामी दयानंद सरस्वती और मां का नाम शारदा अम्बल लिखाया था।

पहले पासपोर्ट में जन्म स्थान दार्जिलिंग लिखाया गया जबकि दूसरे पासपोर्ट में जन्म स्थान तमिलनाडु लिखाया था। जांच में यह भी बात सामने आई की आरोपी के पैन कार्ड में पिता का नाम स्वामी घनानंद पुरी लिखवाया गया। आरोपी के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में दो एकाउंट थे और दोनों अलग-अलग नामों से थे।

बाबा चैतन्यानंद सरस्वती के पास से दिल्ली पुलिस ने फर्जी विजिटिंग कार्ड बरामद किए हैं। दो अलग-अलग विजिटिंग कार्ड दिल्ली पुलिस ने बरामद किए हैं। यह दोनों ही विजिटिंग कार्ड फर्जी हैं। दिल्ली पुलिस ने पहला विजिटिंग कार्ड यूनाइटेड नेशन का बरामद किया है। इस विजिटिंग कार्ड के मुताबिक, बाबा खुद को यूनाइटेड नेशन का परमानेंट एंबेसडर बताता था।

दूसरे विजिटिंग कार्ड के मुताबिक, बाबा खुद को ब्रिक्स देशों के ज्वाइंट कमीशन का मेंबर और खुद को इंडिया का स्पेशल इन्वॉय बताता था।

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