बीसलपुरः गोवलपतीपुरा में प्राचीन कुआं और देवस्थान तोड़े जाने पर ग्रामीणों का आक्रोश फूटा
August 29, 2025
बीसलपुर। ग्राम गोवलपतीपुरा में सदियों पुराना सार्वजनिक कुआं और देवस्थान तोड़े जाने से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने इस घटना को गांव की आस्था, संस्कृति और परंपरा पर सीधा हमला बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम सभा गाटा संख्या 234 पर स्थित यह कुआं वर्षों से गांव की जीवनरेखा रहा है। यहां से न केवल ग्रामीणों की प्यास बुझती थी बल्कि सावन मास में शिवभक्तों का जमावड़ा लगता था। कुएं के पास खड़ा विशाल नीम का पेड़ धार्मिक अनुष्ठानों का केंद्र था, जहां महिलाएं पूजा-पाठ करती थीं।शिकायत पत्र में जगतपाल, मुकेश, रामपाल, ओमपाल, उदयपाल, रामप्रसाद, मंगलाल, हरिशंकर, शंकरलाल, धर्मपाल, राजकुमार, दुर्गाशरण, विमल, संतोश, उदयराम, शोभा राम, जनार्दन कुमार, नन्हेलाल, गोपाललाल, अरविन्द कुमार, सुरेशपाल, सहोद्रा देवी सहित दर्जनों ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं। उनका आरोप है कि गांव के ही कुछ लोगों ने पहले नीम का पेड़ कटवाया और फिर प्राचीन कुआं भी तुड़वा दिया, जिससे गांव की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई और इस पवित्र स्थल का पुनर्निर्माण दोषियों से नहीं कराया गया तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि यह मात्र एक कुआं या पेड़ नहीं था, बल्कि पूरे गांव की आस्था और परंपरा का प्रतीक था, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
