लखनऊ: उतरावां में रामकथा का सातवां दिन, भक्ति रस में सराबोर हुए श्रद्धालु
August 29, 2025
निगोहां। लखनऊ, निगोहां के उतरावां स्थित बाबा दास की कुटी हनुमान मंदिर परिसर में चल रही नौ दिवसीय श्री राम कथा के सातवें दिन कथा व्यास आचार्य ज्ञानेश त्रिपाठी जी महाराज ने प्रभु श्रीराम के त्याग, मर्यादा और आदर्शमयी जीवन का रसपूर्ण वर्णन किया।आचार्य जी ने कहा कि वाणी की वास्तविक शोभा श्रीराम नाम से है। रामकथा वह नौका है, जो जीवन के भवसागर से पार उतारने वाली है।कथा में वनगमन प्रसंग, निषादराज मिलन और केवट प्रसंग की दिव्य झलक ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।कथा व्यास ने बताया कि जब प्रभु श्रीराम गंगा पार करने पहुंचे तो केवट ने चरण पखारने की जिद कर दी। संसार को पार कराने वाले प्रभु स्वयं नाव के सहारे पार होने के लिए खड़े थे। यह प्रसंग इस सत्य को प्रकट करता है कि यदि मनुष्य अपना आचरण पवित्र कर ले तो भगवान के चरणों की प्राप्ति अवश्य होती है।कथा पंडाल में ग्रामीण अंचल से आए सैकड़ों श्रद्धालु प्रभु कथा में डूबकर ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से वातावरण को भक्तिमय करते रहे। आचार्य जी के श्रीमुख से निकली हर कथा पंक्ति पर श्रोतागण मंत्रमुग्ध हो उठे।कथा आयोजन के मुख्य आयोजक शैलेन्द्र सिंह चैहान रहे तथा व्यवस्थापक प्रेस क्लब निगोहां के अध्यक्ष विमल सिंह चैहान ने पूरे भक्ति महोत्सव की सेवा में तन-मन-धन से योगदान दिया।रामकथा का यह सातवां दिन भक्तों के लिए भक्ति, ज्ञान और भावविह्वल कर देने वाले अनुभव से परिपूर्ण रहा।
