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लखनऊः बाढ़ क्षेत्र गांवों का एडीएम, एसडीएम एडीसीपी ने किया दौरा! बाढ़ से पीड़ित ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि हर संभव मदद की जायेगीं


लखनऊ। लखनऊ जिले के बीकेटी तहसील इटौंजा थाना क्षेत्र गोमती तट के किनारे बसे गांवों में कटान का पानी बाहर से आने के वजह से गोमती नदी का जल स्तर फिर से बढ़ने लगा हैं। इससे मंगलवार दोपहर एडीएम राकेश कुमार, उप जिला अधिकारी बीकेटी साहिल कुमार व एडीसीपी जितेंद्र दुबे ने बाढ़ रहित गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ पीड़ित ग्रामीणों को आश्वासन दिया, कि प्रशासन द्वारा हर संभव मदद की जायेगी। गोमती नदी का पानी बढ़ाने के वजह से बहादुरपुर,सुल्तानपुर, लासा, अकड़रिया खुर्द, अकड़रिया कलां, हीरा पुरवा, हरदा कालोनी,जमखनवां, दुघरा गांव में गोमती नदी का पानी कहर बरपा किये हुये है, बाढ़ के पानी से लोग सहमे हुए हैं, इन गांवों के संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं। बहादुरपुर गांवों में संतोष धर्मेंद्र कुमार राहुल बसंत लाल तथा अन्य ग्रामीणों के घर पानी से घिर गए हैं। इसी प्रकार लासा गांव में सुरेंद्र सुरेश त्यागी मेवा वह देवी सत्तार अन्य ग्रामीणों के घर पानी से  घिर गए हैं, यदि इसी रफ्तार से गोमती नदी का पानी बढ़ता रहा तो बाढ़ पीड़ितों के घर में पानी एक-दो दिन में प्रवेश कर जायेगा,गोमती नदी के पानी की वजह से रात में ग्रामीण अपने घरों की छतों पर रात गुजारते हैं और अपने मवेशियों को सड़क पर बांधते हैं , इन बाढ़ पीड़ित गांव के ग्रामीणों ने एडीएम से बताया, कि मवेशियों के लिए चारे की समस्या सामने सुरसा की भांति मुंह बाये खड़ी हुई है, गोमती नदी के पानी ने खरीफ की फसलें व जायद की फसलें नष्ट हो गई हैं। धान उड़द करबी मंक्का की फसल पूरी तरह से नष्ट हो जाने की वजह से किसानों को एक पाई के बराबर उत्पादन नहीं मिलना है। इससे किसानों के सामने रवी की फसल बुवाई का संकट है , उन्होंने इन अधिकारियों से यह भी मांग की है, कि खरीफ की फसल के नुकसान का आकलन जल्दी किया जाए और उनको शीघ्र ही मुआवजा दिया जाए। बाढ़ से स्कूली छात्र छात्राएं नांव के सहारे स्कूल जाने को मजबूर है, ग्रामीण गांवों में आई बाढ़ से नांव से जीवन यापन कर रहे हैं। सुबह शाम नांव से ही आना जाना रहता है, इसके लिए प्रशासन ने कई नांव उपलब्ध करा रखी है, इस नाव के सहारे लोग अपना जीवन यापन कर रहे हैं और पशुओं के लिए चारा की व्यवस्था भी नांव से की जा रही है।

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