बाराबंकी। ई-केवाईसी न कराने वाले राशन कार्ड या उसकी यूनिट को तीन महीने तक निलंबित करने का आदेश शासन ने जारी कर दिया है। निलंबन की जानकारी उपभोक्ताओं को एसएमएस के माध्यम से मिलेगी। जिले में ई-केवाईसी न कराने वाले लगभग चार लाख यूनिटें हैं, जिनका निलंबन हो गया। इन्हें अब राशन नहीं मिलेगा।
जिले में लगभग 26 लाख 41 हजार यूनिट में से करीब 22 लाख 54 हजार उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी हो चुकी है, जिसका प्रतिशत 86 से अधिक है। नये आदेश के तहत जिले के लगभग चार लाख यूनिटों को अग्रिम तीन महीने तक निलंबित कर दिया गया है। अब इन्हें राशन नहीं मिलेगा। इनका निलंबन तभी बहाल होगा, जब यह लोग कोटेदारों के यहां जाकर ई-केवाईसी करा लेंगे। यह जानकारी उपभोक्ताओं के मोबाइल पर एसएमएस के जरिए मिलेगी। तीन महीने बाद भी केवाईसी नहीं कराते हैं तो उनका राशन कार्ड रद कर दिया जाएगा, यूनिटें हटा दी जाएंगी।
निलंबित यूनिट की केवाईसी होते ही स्वतरू बहाल हो जाएंगे और उसके अगले महीने से राशन मिलना शुरू हो जाएगा। यह आदेश खाद्य रसद विभाग के संयुक्त सचिव असीम कुमार सिंह ने जारी किया है।
बच्चों को केवाईसी में मिलेगी छूट रू जीरो से पांच वर्ष आयु वाले बच्चों की केवाईसी न कराने की छूट दी गई है। हालांकि पांच वर्ष के ऊपर आयु वाले बच्चों का ई-केवाईसी कराना होगा। अब पांच वर्ष में एक बार ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया है। 18 वर्ष से कम आयु के पुत्र या पुत्रियां का अलग राशन कार्ड नहीं बनाया जाएगा। बालिग होने पर ही राशन कार्ड पृथक हो पाएगा।
जिले में 80 प्रतिशत से अधिक लोगों को राशन मुहैया कराया जा रहा है, इसमें तमाम अपात्र और मृतक भी हैं। ऐसे भी लोग हैं, जो जिला छोड़कर दूसरी जगह पर निवासित हो गए हैं। उनका राशन कार्ड में नाम है, ऐसी भी कई महिलाएं है, जिनकी शादी जिले या प्रदेश के बाहर हो गई है, लेकिन उनका नाम मायके में बने राशन कार्ड में हैं। इलेक्ट्रानिक नो योर कस्टमर (ई-केवाईसी) से ऐसे लोगों के नामों की छंटनी कर पात्रों को शामिल किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त अभी तक राशन कार्ड और आधार कार्ड का डाटा अलग-अलग है। केवाईसी के बाद दोनों का विवरण एक हो जाएगा।
डा. राकेश कुमार तिवारी, जिला पूर्ति अधिकारी ने कहा कि जिले में 86 प्रतिशत से अधिक ई-केवाईसी पूर्ण कर ली गई है। लगातार प्रयास है कि सभी उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी करा लिया जाए। यह प्रगति अगले महीने में और बढ़ जाएगी।
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