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लखनऊः ट्रूकॉलर ने बुजुर्गों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए ख्याल के साथ साझेदारी की


लखनऊ। देश और दुनिया के बुजुर्ग धीरे-धीरे डिजिटल युग के तौर-तरीकों को अपना रहे हैं, और इसी वजह से वे पहले से कहीं ज्यादा जोखिम में हैं। वे टेक्नोलॉजी से अच्छी तरह वाकिफ नहीं हैं साथ ही धोखाधड़ी की तरकीबें भी लगातार बदल रही हैं, लिहाजा इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है कि साइबर अपराध का शिकार बनने वाले ज्यादातर लोग 50 साल से अधिक उम्र के हैंकृ बहुत से लोग न सिर्फ पैसे ही नहीं गँवा रहे हैं, बल्कि उनके बीच सुरक्षा और भरोसे की भावना भी कम हो रही है। दुनिया में संचार के सबसे बड़े प्लेटफॉर्म, ट्रूकॉलर ने लगातार बढ़ रही इस चुनौती को दूर करने के लिए भारत में बुजुर्गों के लिए नंबर वन ऐप, ख्याल के साथ साझेदारी की घोषणा की है, जो देश में बुजुर्गों को सक्षम बनाने और उनकी भलाई के लिए इरादे पर अटल है। इस साझेदारी में खयाल के बुजुर्गों के साथ गहरे जुड़ावकृ उनकी खास जरूरतों को समझना और उपयोगी बातचीत के जरिए उसका समाधान पेश करनाकृ को ट्रू-कॉलर की अत्याधुनिक कॉलर आइडेंटिफिकेशन टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ा गया है। ये दोनों साथ मिलकर एक मजबूत सुरक्षा कवच बनाते हैं, जो भरोसेमंद और विश्वसनीय संचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारत के बुजुर्गों के लिए ज्यादा सुरक्षित और आपस में अधिक बेहतर ढंग से जुड़े हुए लोगों की कम्युनिटी बनाता है।खयाल के सभी सदस्यों को ट्रूकॉलर प्रीमियम की मेंबरशिप पर 50ः की विशेष छूट मिलेगी, और इस तरह उन्हें अब तक के सबसे एडवांस्ड कॉलर आइडेंटिफिकेशन तथा स्पैम प्रोटेक्शन जैसे फीचर्स का उपयोग करने की सुविधा मिल सकेगी। इसके अलावा, बड़े पैमाने पर सुरक्षा के लिए शुरू की गई इस पहल के तहत, खयाल और ट्रूकॉलर साथ मिलकर उन्हें सिखाने के लिए खास कंटेंट तैयार करेंगे। इसमें “न्यू स्कैम हाइलाइट्स” जैसे सत्र शामिल हैं जो धोखाधड़ी की नई तरकीबों के बारे में जानकारी देते हैं। साथ ही, इसके तहत परस्पर बातचीत पर आधारित ष्स्पॉट द स्कैमष् वर्कशॉप एवं कॉन्टेस्ट, अनजान नंबरों से आने वाली कॉल्स को संभालने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश, और ख्याल के उन बुजुर्ग सदस्यों के शानदार अनुभव भी शामिल होंगे, जिन्होंने स्कैम की कोशिशों को पहचानने और उसे बचने में सफलता हासिल की है। इन पहलों का संचालन डिजिटल और ऑन-ग्राउंड, दोनों तरीकों से किया जाएगा। खयाल के मेंबर्स को इस ऐप पर वर्कशॉप और इससे जुड़े सत्रों में भाग लेने की सुविधा मिलेगी। ख्याल के ष्50।इवअम50ष् इवेंट के जरिए यह साझेदारी डिजिटल सीमाओं से भी परे जाएगी, जिसमें जागरूकता बढ़ाने के लिए परस्पर बातचीत पर आधारित सत्रों के साथ-साथ विशेष रूप से तैयार किए गए सेफ्टी बूथ शामिल होंगे। इस तरह, वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के बारे में उपयोगी जानकारी मिलेगी, उन्हें सीधे तौर पर सीखने का अवसर मिलेगा और अनुभव प्राप्त होगा स ख्याल के संस्थापक एवं सीईओ, हिमांशु जैन ने इस साझेदारी के बारे में बात करते हुए कहा, ष्आंकड़े बेहद चिंताजनक हैंरू हमारे देश के बुजुर्ग अपनी मेहनत की कमाई को ऐसे धोखेबाजों के हाथों गँवा रहे हैं, जो उनके भरोसे और डिजिटल धोखाधड़ी के तरीकों के बारे में जानकारी नहीं होने का फायदा उठाते हैं। इस तरह के स्कैम का शिकार बनने के बाद होने वाला मानसिक तनाव बहुत ज्यादा हो सकता है, जिससे वे अक्सर डिजिटल टूल्स के इस्तेमाल को लेकर चिंतित रहते हैं और उनका आत्मविश्वास कम हो सकता है। ख्याल में, हम चुपचाप बढ़ रहे इस संकट को लंबे समय से पहचानते आए हैं और डिजिटल वर्कशॉप के जरिये इसके बारे में जागरूकता बढ़ाने के संकल्प पर कायम हैं। ट्रूकॉलर के साथ हमारी ये साझेदारी इसी संकल्प को और आगे ले जाती है। रेड फ्लैग्स को पहचानना सीखकर, ट्रू-कॉलर जैसे सही टूल्स का उपयोग करके, और धोखाधड़ी की नई तरकीबों के बारे में जानकारी रखकर, हमारे देश के बुजुर्ग ऐसे धोखेबाजों से अपनी हिफाजत करते हुए खुलकर जिंदगी जी सकते हैं। ख्याल और ट्रूकॉलर, इस साझेदारी के जरिए डिजिटल सुरक्षा और धोखाधड़ी की रोकथाम के लिए एक नई मिसाल कायम कर रहे हैं, ताकि हमारे देश के बुजुर्ग डिजिटल दुनिया में सुरक्षा और बुलंद हौसले के साथ आगे बढ़ सकें। ये पहल लाखों बुजुर्ग सदस्यों वाले ख्याल के भरोसेमंद प्लेटफॉर्म को ट्रूकॉलर की धोखाधड़ी से बचाने वाली अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ती है, जिसका उद्देश्य बुजुर्गों की सुरक्षा के साथ-साथ उन्हें सक्षम बनाना भी है।

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