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100 साल से समुद्र में भटक रहा है ये भूतिया जहाज, नजर आते हैं डूबते हुए लोग


समुद्र हमेशा से ही रहस्यों से भरा रहा है यह जितना शानदार है उतना ही भयानक। इसकी गहराइयों में छिपे अनकहे राज, डूबे जहाज और भयानक कहानियां इंसानों डराती रही हैं। इन्हीं रहस्यों में से एक का नाम है एसएस वेलेंसिया। यह एक ऐसा जहाज है जिसकी कहानी सुनकर रूह कांप उठती है। कहते हैं कि यह जहाज अपने गंतव्य तक नहीं पहुंचा और अब उसकी आत्मा भटकती हुई समुद्र की लहरों में दिखाई देती है। इस जहाज से जुड़ी घटनाएं इतनी भयावह हैं कि इसे दुनिया के सबसे डरावने और भूतिया जहाजों में से एक माना जाता है।

एसएस वेलेंसिया एक यात्री जहाज था जिसे 1882 में अमेरिका में बनाया गया था। इसे मूलरूप से यात्रियों और माल ढुलाई के लिए तैयार किया गया था। शुरुआत में यह जहाज दक्षिण अमेरिका के समुद्री मार्गों पर सेवाएं देता था लेकिन बाद में इसे अमेरिका और कनाडा के बीच चलाया जाने लगा। जहाज मजबूत था लेकिन इसकी गति बहुत अधिक नहीं थी। कहते हैं कि वेलेंसिया का निर्माण जल्दबाजी में किया गया था और इसके डिजाइन को लेकर कई सवाल भी उठे थे। सवालों के बावजूद यह जहाज समंदर की लहरों को तब तक चीरता जब तक 1906 में वो खौफनाक हादसा नहीं हुआ जिसने इसे हमेशा के लिए भूतिया जहाज बना दिया।

14 जनवरी 1906 को वेलेंसिया सैन फ्रांसिस्को से रवाना हुआ। उस दिन का मौसम सामान्य था, लेकिन समुद्र में कुछ ही घंटे बाद भयंकर तूफान आ गया। लहरें इतनी ऊंची थीं कि जहाज अपनी दिशा खो बैठा। नेविगेशन की गलती और तेज तूफान ने मिलकर जहाज को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया तट की ओर धकेल दिया। जहाज चट्टानों से टकरा गया और धीरे-धीरे टूटने लगा। यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। लोग लाइफ बोट में बैठकर बचने की कोशिश करने लगे लेकिन उफनती लहरों ने कोई रहम नहीं दिखाया। कहा जाता है कि जहाज पर लगभग 108 यात्री और चालक दल थे, जिनमें से केवल 37 लोग ही बच पाए। बाकी सब या तो लहरों में समा गए या चट्टानों से टकराकर मौत के आगोश में चले गए।

एसएस वेलेंसिया का यह हादसा इतना डरावना था कि इसे लोग 'उत्तर प्रशांत का टाइटैनिक' कहने लगे। लेकिन, जो बात वेलेंसिया को और भी भयावह बनाती है, वह है इसके बाद से दिखाई देने वाली आत्माएं और भूतिया घटनाएं। लोगों का कहना है कि हादसे के बाद कई मछुआरों और नाविकों ने समुद्र की लहरों में एक टूटा-फूटा जहाज भटकते हुए देखा। कभी उसमें से औरतों की चीखें सुनाई देतीं, कभी डूबते यात्रियों के हाथ पानी से बाहर निकलते दिखाई देते।

हादसे के महीनों बाद जब बचाव दल उस तट पर पहुंचा, तो उन्होंने चट्टानों पर एक लाइफबोट अटकी हुई देखी। चौंकाने वाली बात यह थी कि वह नाव लगभग नई जैसी थी, जबकि बाकी सारी नावें समुद्र में टूटकर बिखर गई थीं। किसी को समझ नहीं आया कि वह नाव इतनी सुरक्षित कैसे रह गई। स्थानीय लोग मानते हैं कि हर साल जनवरी महीने में, हादसे की बरसी पर, समुद्र की लहरों से चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनाई देती हैं। कभी किसी बच्चे के रोने की आवाज आती है, कभी औरतों की चीखें, मानो यात्री आज भी मौत से बचने की गुहार लगा रहे हों।

कई मछुआरों ने दावा किया है कि उन्होंने समुद्र में नावों पर बैठे भूतिया चेहरों को देखा है। जब वो पास गए, तो आकृतियां धुएं की तरह गायब हो गईं। कुछ ने तो यह भी कहा कि उन्होंने सफेद कपड़ों में एक औरत को हाथ हिलाते हुए देखा, लेकिन पास जाते ही वह समुद्र की लहरों में कहीं ओछल हो गई। वेलेंसिया से जुड़ी दास्तान आज भी लोगों को डराती हैं। स्थानीय लोग तो समंदर के इस इलाके में जाने से बचते हैं। आज भी जब कोई नाविक ब्रिटिश कोलंबिया के तट से गुजरता है, तो उसके दिल में डर बैठ जाता है कि कहीं वेलेंसिया की आत्माएं उसके सामने ना आ जाएं।

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