मसौली/बाराबंकी। मां के प्रति सम्मान और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी दोनों का संगम पौधारोपण अभियान में देखने को मिलता है। पौधारोपण से जहाँ हमें मां के प्रति श्रृद्धा भाव की प्रेरणा मिलती है वही यह हमें प्रकृति से जोड़ती है। यह बातें और प्रेरणादायक पहल बुधवार को ग्राम पंचायत रसोली में ष्एक पेड़ मां के नामष् अभियान के तहत पौधारोपण कार्यक्रम में प्रदेश के पर्यावरण वन, जन्तु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने पीपल का वृक्ष रोपित करने बाद उपस्थित जनसमूह के बीच कही। उन्होंने आगे कहा कि पौधारोपण से न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, बल्कि मां के प्रति श्रद्धा को प्रकृति से जोड़ने का उदाहरण भी प्रस्तुत किया। मंत्री डॉ. सक्सेना ने कहा, मां के प्रति सम्मान और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी दोनों का संगम यह अभियान है। हमें अपनी मां के नाम पर एक वृक्ष लगाकर प्रकृति के प्रति कर्तव्य निभाना चाहिए। उन्होंने हर खेत और हर मेड़ पर पौधरोपण की अपील करते हुए इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए वरदान बताया।
इस मौके पर मंगलवार रात्रि से बुधवार सुबह तक जन्मे पांच नवजात शिशुओं के अभिभावकों को सागौन के पौधे भेंट किए गए, वहीं टीआरसी लॉ कॉलेज और रॉयल ब्लू पब्लिक स्कूल के बच्चों को सहजन के पौधे वितरित कर पर्यावरण शिक्षा से जोड़ने का सुंदर प्रयास किया गया। विधान परिषद सदस्य अंगद सिंह ने नीम का पौधा रोपते हुए कहा कि वृक्षारोपण एक संजीवनी है जो हमारे स्वास्थ्य, जलवायु और अर्थव्यवस्था की रक्षा करता है।इस भावनात्मक और प्रेरणादायक अवसर पर हैदरगढ़ विधायक दिनेश कुमार रावत, जिला पंचायत सदस्य राजधनी रावत , भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार मौर्य, मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन , मुख्य वन संरक्षक सुनील चैधरी, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक दीपक कुमार, सहित अनेक गणमान्य और ग्रामीण मौजूद रहे।छात्रों, स्वंय सहायता समूहों की महिलाओं, और ग्रामवासियों की सहभागिता ने इस अभियान को जनांदोलन का रूप दे दिया, जहां हर पौधा एक कहानी बन गया मां की ममता, प्रकृति की छांव और जीवन के प्रति प्रेम की।