मिरगावां/कन्नौज। हरियाली तीज का पर्व बड़े उत्साह से मनाया गया। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर महिलाओं और कुमारियों ने व्रत रखा और भगवान शिव और माँ पार्वती की पूजा की।महिलाओं ने नए वस्त्र पहने और श्रृंगार किया। उन्होंने आम और नीम के पेड़ पर झूला डाला और मल्हार गीत गाए। कुमारियों ने भी अपने भविष्य के लिए प्रार्थना की।
आचार्य गिरीश चंद्र तिवारी ने पार्वती जी की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि माँ पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर व्रत किया था। हरियाली तीज के व्रत से ही पार्वती जी का भगवान शिव से विवाह हुआ था।महिलाओं ने बताया कि हरियाली तीज का व्रत सभी मनोकामनाएं पूर्ण करता है। यह व्रत हर किसी के लिए है और इसे करने से सुख-समृद्धि आती है।इस अवसर पर महिलाओं और कुमारियों ने एक-दूसरे को बधाई दी।
बोली महिलाएं-हरियाली तीज का व्रत मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। मैं अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हूं। यह व्रत मुझे बहुत शांति और सुख देता है।
- मैं हर साल हरियाली तीज का व्रत रखती हूं। यह व्रत मुझे अपने परिवार के लिए कुछ अच्छा करने का अवसर देता है। मैं भगवान शिव और माँ पार्वती से अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हूं।