संग्रामपुर: 30 कांवड़ियों का जत्था बाबा धाम के लिए रवाना
July 27, 2025
संग्रामपुर/अमेठी। सावन के पवित्र माह में भगवान शिव की भक्ति में लीन श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। रविवार को मंडौली गांव से 30 कांवड़ियों का एक जत्था ष्बोल बमष् के जयघोष के साथ झूमते-गाते बाबा बैद्यनाथ धाम (बाबाधाम, देवघर) के लिए रवाना हुआ। इस पावन यात्रा की शुरुआत ठेंगहा स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर से की गई, जहां श्रद्धालुओं को विधिवत रूप से यात्रा के लिए हरी झंडी दिखाई गई। भक्तों के उत्साह और उमंग का आलम यह था कि निजी बस और डी.जे. के साथ पूरा जत्था शिव भक्ति में डूबा हुआ नजर आया।इस अवसर पर कुलदीप शुक्ला, आनंद तिवारी, राकेश पांडेय, रिंकू शुक्ला, गोली पांडेय, विवेक मिश्रा, मुन्नू प्रधान, अजय पांडेय, लाल जी पांडेय, गायत्री प्रसाद, बजरंगी सिंह, राम कुमार कश्यप, चंद्र कश्यप, दद्दन गुप्ता, आशीष मिश्रा, संदीप मिश्रा, सुधीर, सुनील मिश्र, प्रशांत मिश्र सहित 30 श्रद्धालु शामिल रहे। कांवड़ यात्रा की पृष्ठभूमि पौराणिक कथाओं में गहराई से जुड़ी हुई है। मान्यता है कि लंका नरेश रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए प्रथम कांवड़ यात्रा की थी। वहीं, भगवान राम द्वारा भी सुल्तानगंज से जल भरकर देवघर में शिवलिंग पर जलाभिषेक किए जाने का उल्लेख मिलता है। इसके अलावा, श्रवण कुमार द्वारा अपने माता-पिता को कांवड़ में तीर्थ यात्रा कराने की कथा भी लोक परंपरा में प्रचलित है। सावन का महीना शुरू होते ही मंडौली और आसपास के क्षेत्रों में शिव भक्ति की छटा बिखर गई है। श्रीराम मंदिर (मंडौली), धोलेश्वर महादेव, हनुमान मंदिर(ठेंगहा), और गौरीशंकर महादेव जैसे प्रसिद्ध मंदिरों में श्रद्धालु जलाभिषेक कर रहे हैं। स्थानीय भक्तों की मान्यता है कि सावन में शिव को जल चढ़ाने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। जत्था बाबाधाम में जलाभिषेक करने के बाद गांव लौटेगा। इस प्रकार की यात्राएं न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करती हैं, बल्कि समाज में एकता और सहयोग की भावना को भी मजबूत करती हैं।