बाराबंकी। पर्यावरण संरक्षण को लोक चेतना से जोड़ते हुए जिले ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय के नेतृत्व में जिले की 1150 ग्राम पंचायतों में शुक्रवार को मियावाकी पद्धति से एक ही दिन में 2 लाख 65 हजार पौधों का सघन वृक्षारोपण किया गया। इस अभियान ने न केवल हरियाली का संदेश दिया, बल्कि एक सांस्कृतिक और भावनात्मक आंदोलन का रूप भी ले लिया।इस ऐतिहासिक अभियान की शुरुआत ब्लॉक बंकी के निबलेट मोहिद्दीनपुर गौ संरक्षण केंद्र से हुई, जहां जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने हरिशंकरी (बरगद, पीपल, पाकड़) समेत 237 पौधे रोपे। उन्होंने गायों को गुड़ और केला खिलाकर मानवीय करुणा और प्रकृति के प्रति श्रद्धा को जीवंत किया। इस मौके पर वन अधिकारी आकाश दीप बधावन, मुख्य विकास अधिकारी अ. सुदन, परियोजना निदेशक राकेश सिंह सहित स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं भी मौजूद रहीं।डीएम ने महिलाओं को सहजन और लाल चंदन के पौधे भेंट करते हुए अपील की कि जिस प्रकार एक मां अपने शिशु को सहेजती है, उसी भावना से इन पौधों की देखभाल करें। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि मियावाकी पद्धति से लगाए गए पौधे न केवल 24 घंटे ऑक्सीजन देंगे, बल्कि मिट्टी के क्षरण को भी रोकेंगे।सूरतगंज में ब्लॉक प्रमुख लकी सिंह व बीडीओ देवेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में 27160 पौधे रोपे गए। तार फेंसिंग, मनरेगा से खाद-पानी और मस्टर रोल की व्यवस्था से पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई।इसी तरह रामनगर के सिरौली कला
हनुमत गीता सागर आश्रम में मनरेगा योजना के तहत् वृक्षारोपण हुआ। ग्राम प्रधान श्रीकांत शुक्ला की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में निवर्तमान विधायक शरद कुमार अवस्थी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पौधरोपण कर शुभारंभ किया। वन अधिकारी रोली अवस्थी, अभय शुक्ला, विजय कुमार, सहित अनेक अधिकारी व ग्रामीण मौजूद रहे।फतेहपुर में 23000 पौधे रोपे गए। जिला पंचायत सदस्य पूजा सिंह ने बिलौलीहजरतपुर में वृक्षारोपण किया।जबकि त्रिवेदीगंज ब्लॉक में 18000 पौधे हरिशंकरी और मियावाकी शैली में लगाए गए।तो वही सिद्धौर ब्लॉक में 25000 पौधे रोपित किए गए। जिसमें ब्लॉक प्रमुख आरती रावत और बीडीओ पूजा सिंह की सक्रिय भागीदारी रही।इस ऐतिहासिक अभियान में सखी समूह, भारत महिला समूह और अन्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने न सिर्फ पौधारोपण किया, बल्कि उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी ली। उन्होंने पारंपरिक स्वागत कर पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लिया।शुक्रवार को चलाये गए अभियान में
जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत ने हरख ब्लॉक के वजीउद्दीनपुर और मानपुर गौशाला में हरिशंकरी के पौधे रोपे।एमएलसी प्रतिनिधि अमरेंद्र सिंह बब्लू ने भैसूरिया में स्कूल परिसर में पौधारोपण किया।खंड विकास अधिकारी संजीव गुप्ता, पुष्पेंद्र शुक्ला, लवकुश वर्मा, पवन वर्मा, जय प्रकाश वर्मा, रेनू वर्मा, जसवंत यादव, मनोज मिश्रा और कई जनप्रतिनिधियों व कार्यकर्ताओं ने विभिन्न ग्राम पंचायतों में पौधारोपण कर भागीदारी की।
बरगद, पीपल और पाकड़ का यह त्रैतीय संयोजन न केवल छाया और प्राणवायु देता है, बल्कि भारतीय संस्कृति में इसकी पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है।
बाराबंकी ने इस अभियान से यह साबित किया है कि जब प्रशासनिक संकल्प, जनसहभागिता और सांस्कृतिक चेतना एकत्र होती है, तो पर्यावरण संरक्षण महज एक कार्यक्रम नहीं, एक लोक आंदोलन बन जाता है।यह पौधे भविष्य की सांसें हैं जीवन का वचन, हरियाली का प्रतीक है।