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लखनऊ : राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न! बैठक में कर्मचारियों की लंबित समस्याओं पर किया मंथन


लखनऊ  । राजधानी लखनऊ में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारियों  नारायण जी दुबे, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, टी एन चैरसिया, उपाध्यक्ष, विजय श्याम तिवारी उपाध्यक्ष, प्रीति पांडे उपाध्यक्ष, अरुणा शुक्ला महामंत्री, नितिन गोस्वामी कोषाध्यक्ष  वीरेंद्र यादव मंडल अध्यक्ष प्रयागराज मंडल, कार्यकारिणी सदस्य  कुसुम लता यादव सरला सिंह उषा देवी  एवं अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी की अध्यक्षता में उनके निजी आवास पर संपन्न हुई।  यह जानकारी संयुक्त परिषद की महामंत्री अरुण शुक्ला ने  दिया।  बैठक में कर्मचारियों की समस्याओं पर  विमर्श के  दौरान संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने अवगत कराया कि सरकार कर्मचारियों के साथ वादा खिलाफी कर रही है ।मुख्यमंत्री जी ने जनवरी में आउटसोर्स कर्मचारियों  का न्यूनतम मानदेय निर्धारित  किए जाने तथा उनकी सेवा शर्तों में सुधार करने का निर्णय एक माह में करने का आश्वासन दिया था ,लेकिन 6 माह बाद भी मुख्यमंत्री जी के आश्वासन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई । ब्यूरोक्रेसी किसी ने पहले आउटसोर्स कर्मियों के लिए निगम बनाए जाने की पूरी प्रक्रिया चलाई तथा बाद में उसको ठंडे बस्ते में में डाल दिया। प्रदेश का 5 लाख से भी अधिक आउटसोर्स कर्मचारी आज ठगा हुआ महसूस कर रहा है एवं चुनाव से पहले बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहा है। प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य ,लोक निर्माण आयुष, निबंधन ,स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन ,खाद्य रसद सहित दर्जनों विभागों में स्थानांतरण में लेनदेन के खेल के चलते या तो स्थानांतरण सत्र शून्य करना पड़ा है अथवा मुख्यमंत्री जी को हस्तक्षेप करना पड़ा है। जे एन तिवारी ने अवगत कराया है कि मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव कार्मिक के स्तर पर कर्मचारी संगठनों की विगत एक वर्ष से भी अधिक समय से कोई बैठक नहीं हुई है शुरुआती दौर में 10 दिसंबर को मुख्य सचिव ने एक औपचारिक बैठक किया था उस बैठक के आधार पर भी विभागों में कार्रवाई नहीं हो रही है।  जनजाति विकास विभाग, उद्यान विभाग, महिला कल्याण विभाग में आउटसोर्स एवं संविदा कर्मियों का शोषण चरम पर है। जनजाति विकास विभाग में 60ः परीक्षा प्राप्तांक का आधार बनाकर संविदा समाप्त करने का खेल खेला जा रहा है। उद्यान विभाग में मंडल एवं जनपद स्तर पर कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों को विगत 3 माह से वेतन नहीं मिला है ।उद्यान विभाग में सेवा देने वाली वंशिका ट्रेडर्स को ब्लैक लिस्ट करने की मांग भी संयुक्त परिषद ने किया है ।संयुक्त परिषद की महामंत्री अरुण शुक्ला ने अवगत कराया है कि कर्मचारियों की मांगों पर सरकार की उपेक्षा  अब और बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 13 जुलाई को संयुक्त परिषद की कार्यकारिणी की विस्तारित बैठक होगी जिसमें आर पार के संघर्ष का निर्णय लिया जाएगा । संयुक्त परिषद के अध्यक्ष एवं महामंत्री ने बैठक में प्रतिभाग करने वाले सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों को जनपद एवं मंडल स्तरों पर सम्मेलनों का आयोजन कर आंदोलन की आगामी रणनीति तैयार करने के  लिए योजनाबद्ध  अभियान चलाया जाने को कहा गया है।

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