लखनऊ: जलकल नगर निगम में घूसखोरी का खुलासा, सहायक लेखाकार पर गंभीर आरोप
April 02, 2025
लखनऊ। जलकल नगर निगम में भ्रष्टाचार का एक और मामला सामने आया है, जिसमें जोन-4 के सहायक लेखाकार मृत्युंजय पर ठेकेदारों से 30 प्रतिसत रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक ऑडियो ने नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़ित ठेकेदार का आरोप है कि सहायक लेखाकार मृत्युंजय ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक 30 प्रतिसत कमीशन नहीं मिलेगा, तब तक फाइलें आगे नहीं बढ़ेंगी। यही नहीं, शिकायत दर्ज होने के बावजूद जलकल महाप्रबंधक कुलदीप सिंह द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे उच्च अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे है।
सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री कार्यालय और नगर निगम के उच्च अधिकारियों तक की जा चुकी है, लेकिन अभी तक ठोस कदम नहीं उठाए गए। वहीं, प्रभारी अधिशासी अभियंता विकास शर्मा ने इस घूसखोरी मामले में सहायक लेखाकार को स्पष्टीकरण पत्र जारी कर तीन दिनों में जवाब मांगा था, लेकिन यह भी मात्र औपचारिकता बनकर रह गई।
घूसखोरी के इस मामले को लेकर एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें सहायक लेखाकार मृत्युंजय ठेकेदार से खुलेआम 30ः कमीशन मांगते सुनाई दे रहे हैं। वायरल ऑडियो ने न केवल नगर निगम की कार्यशैली को बेनकाब किया है, बल्कि प्रदेश सरकार की ष्जीरो टॉलरेंसष् नीति पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी जलकल मुख्यालय के स्टोर बाबू प्रकाश तिवारी को निलंबित किया गया था। अब सवाल यह उठता है कि क्या ’जलकल महाप्रबंधक कुलदीप सिंह, सहायक लेखाकार मृत्युंजय पर भी सख्त कार्रवाई करेंगे या फिर अपने मैत्रिक संबंधों को बचाने का प्रयास करेंगे?
नगर निगम के इस घूसखोरी कांड पर अब जनता की पैनी नजर है। क्या भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी बेनकाब होंगे? क्या पीड़ित ठेकेदार को न्याय मिलेगा? यह प्रशासनिक कार्रवाई पर निर्भर करेगा। जनता और पीड़ितों को अब निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की उम्मीद है।
