लखनऊ: भारतीय संस्कृति का हास्य कंटेंटों से हो रहा हनन, प्रस्तुतियों पर रोक की मांग
April 22, 2025
लखनऊ। लखनऊ जिले में कला एवं साहित्य की अखिल भारतीय संस्था (संस्कार भारती)द्वारा मंगलवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर मांग की गयी है। कि हास्य कंटेंट के माध्यम से भारतीय संस्कृति की जो मजाक उड़ाया जा रहा है उसे बंद कराया जाय। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विभिन्न हास्य माध्यमों - जैसे स्टैंड-अप कॉमेडी, टी. वी. धारावाहिक, सोशल मीडिया कंटेंट,इत्यादि - में भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों, नैतिकता एवं मर्यादा का हास देखा जा रहा है। हास्य का उद्देश्य जहां जनमानस को मानसिक राहत देना होता है, वहीं आज यह कई बार अपशब्दों, अश्लीलता एवं सामाजिक मूल्यों के हनन् का माध्यम बनता जा रहा है।
हमारा भारतवर्ष जहाँ कभी विकट सत्य को भी विनोद पूर्वक प्रस्तुत करने की परंपरा रही है (उदाहरण स्वरूपः विद्रूषक,भांड, कथा-वाचन परंपरा), आज उसी परंपरा से विमुख होता जा रहा है। यह एक गंभीर सांस्कृतिक संकट की ओर संकेत करता है। इस लिए
स्थानीय सांस्कृतिक संस्थाओं द्वारा हास्य लेखन एवं प्रस्तुतिकरण में भारतीय जीवन मूल्यों की पुनः स्थापना को बढ़ावा दिया जाए। विद्यालयों व महाविद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यशाताओं के माध्यम से छात्रों को नैतिक हास्य लेखन एवं प्रस्तुतिकरण की दिशा में प्रोत्साहित किया जाए। स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान कर ऐसे हास्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएं जिनमें संवेदना, संस्कृति और सभ्यता का समावेश हो। सोशल मीडिया पर भी सकारात्मक और संस्कृति-सम्मत हास्य को प्रोत्साहन देने हेतु जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। हमें विश्वास है कि आपके नेतृत्व में हम हास्य विधा को भारतीय संस्कृति के अनुरूप पुनः प्रतिष्ठित कर पाएगे। उन्होंने कहा कि संस्कार भारती द्वारा अपने राष्ट्रीय कार्यकरणी मे पारित प्रस्ताव से भी आप को अवगत करवा है। जिस की कॉपी साथ मे संलग्न है। कृपया इस विषय को मीडिया मे प्रेस विज्ञप्ति के साथ प्रचार प्रसार करवाया जाए और हास्य विधाओं में भारतीय मूल्य बोध की पुनः स्थापना करवायी जाय।
