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पीलीभीतः साहब एक नजर इधर भी... नगर पंचायत में हर ओर फैली गंदगी, लोग रहने को मजबूर, नहीं होती साफ सफाई, जिम्मेदार कौन?


पीलीभीत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को 11 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन नगर पंचायत नौगवां पकड़िया में सफाई व्यवस्था बदहाल स्थिति में है। नगर पंचायत को 2019 में मान्यता मिली थी, जिससे स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी थी कि अब क्षेत्र का विकास होगा और बुनियादी सुविधाओं में सुधार आएगा। लेकिन हकीकत यह है कि यहां गंदगी के अंबार, टूटी सड़कें और अव्यवस्थित नालियों ने नागरिकों को बीमारियों और परेशानियों के बीच रहने पर मजबूर कर दिया है।

नगर पंचायत अध्यक्ष संदीप कौर को जनता ने बड़ी उम्मीदों के साथ चुना था, लेकिन अब स्थानीय लोगों को उनसे संवाद करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत कार्यालय पर वह उपलब्ध नहीं होतीं और उनके पति फोन तक नहीं उठाते। इससे नागरिकों की शिकायतें अनसुनी रह जाती हैं, और क्षेत्र में स्वच्छता व विकास कार्य अधर में लटके हैं।

नगर पंचायत को राज्य वित्त और 15वें वित्त आयोग से 5 करोड़ रुपये का बजट मिला, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कार्य नहीं दिख रहा है। नालियों का पानी घरों में घुस रहा है, अवैध कब्जे बढ़ रहे हैं, पार्क और अन्य बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं। नागरिकों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही।

कई नागरिकों ने नगर पंचायत कार्यालय का दौरा किया, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी। एक स्थानीय निवासी ने कहा, ष्जब हमने अपनी समस्याओं को लेकर नगर पंचायत कार्यालय जाने की कोशिश की, तो अध्यक्ष महोदया मिली ही नहीं। उनके पति भी फोन नहीं उठाते। आखिर हम किससे अपनी समस्याएं कहें?

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही सफाई व्यवस्था और विकास कार्यों में सुधार नहीं हुआ, तो वे प्रशासन से शिकायत करेंगे और आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन, हर घर जल योजना, स्वच्छता सर्वेक्षण और प्लास्टिक मुक्त भारत अभियान जैसी कई योजनाएं चलाईं, जिनका उद्देश्य स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं को सुधारना था। लेकिन नौगवां पकड़िया में इन योजनाओं का कोई प्रभाव नहीं दिख रहा। अगर स्थानीय प्रशासन और नगर पंचायत अध्यक्ष ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो हालात और बदतर हो सकते हैं। इतना ही नहीं स्थानीय निवासियों ने बताया कि अभी फिलहाल बरसात का मौसम नहीं है तो घर से निकलने बैठने में थोड़ी रहता है जब बरसात होती है तब नाले नालियों का गंदा पानी हमारे घरों में घुस जाता हैं। और इससे हमें और हमारे बच्चों को भी बीमारी घेर लेती है ऐसे में आखिर हम फरियाद करने कहां जाएं अध्यक्ष अध्यक्ष कार्यालय पर मिलती नहीं नगर पंचायत का पूरा कार्यभार देख रहे उनके पति संतोख सिंह को कई बार अवगत भी कराया लेकिन मामला टस के मस नहीं हुआ। इतना ही नहीं कई बार फोन करने पर भी हम लोगों का फोन भी नहीं उठाते हैं।

बताते चलें कि स्वच्छता और नागरिक सुविधाएं केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि नगर पंचायत प्रशासन को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। यदि नगर पंचायत अध्यक्ष जनता की समस्याओं का समाधान नहीं कर पातीं, तो उच्च अधिकारियों को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि नौगवां पकड़िया के नागरिकों को उनके अधिकार मिल सकें। अब सवाल यह है कि क्या नगर पंचायत प्रशासन जागेगा, या फिर जनता को अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरना पड़ेगा?

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