सिंहपुर/अमेठी। परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, पौष्टिक एवं स्वच्छ मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने और शिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में विकासखंड सिंहपुर के विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण कर मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई, भोजन वितरण व्यवस्था तथा शैक्षिक गतिविधियों का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बच्चों के साथ भोजन कर उसकी गुणवत्ता एवं विद्यालयों में उपलब्ध व्यवस्थाओं को परखा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय तिवारी ने विकासखंड सिंहपुर के विद्यालयों का निरीक्षण करते हुए संबंधित प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं, जनपद में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की गुणवत्ता और शिक्षण व्यवस्था की प्रभावी निगरानी के लिए चार खंड शिक्षा अधिकारियों तथा जिला समन्वयक की टीम ने भी विभिन्न विद्यालयों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, भोजन तैयार करने एवं वितरित करने की व्यवस्था, विद्यालय परिसर की साफ-सफाई तथा बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का जायजा लिया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वच्छ, सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए। भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
अधिकारियों ने विद्यालयों में शिक्षण कार्य की स्थिति का भी अवलोकन किया तथा संबंधित शिक्षकों को शैक्षिक गतिविधियों को प्रभावी बनाने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ-साथ शिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। नियमित निरीक्षण एवं अनुश्रवण के माध्यम से विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति पर नजर रखी जा रही है, ताकि कमियों को समय रहते दूर किया जा सके। विभाग का जोर इस बात पर है कि प्रत्येक परिषदीय विद्यालय में बच्चों को स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी मिले। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। अभियान के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शैक्षिक उपलब्धियों और सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर वातावरण सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
