Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS
ऑनलाइन भुगतान करें
Pay Now

कैबिनेट विस्तार की अटकलों के बीच आया संदेश! सभी मंत्री दिल्ली में रहें


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले हफ्ते केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों की दो दिन की 'चिंतन बैठक' की अध्यक्षता करेंगे. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सूत्रों ने बताया कि यह मंथन सत्र 23 और 24 सितंबर को दिल्ली में होगा और इसमें सभी केंद्रीय कैबिनेट मंत्री शामिल होंगे. बैठक में गवर्नेंस और पॉलिसी बनाने के अहम पहलुओं पर चर्चा होगी और सुधारों पर खास जोर दिया जाएगा.

ये बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पिछले कुछ समय से कैबिनेट विस्तार की अटकलें चल रही है. माना जा रहा है कि हाल ही में हुए बीजेपी संगठन में बदलाव के बाद अब जल्द ही कैबिनेट का विस्तार किया जा सकता है.

सूत्रों ने बताया कि सभी कैबिनेट मंत्रियों से कहा गया है कि वे बैठक की तैयारी करने और उसमें शामिल होने के लिए अगले हफ्ते राष्ट्रीय राजधानी में ही रहें. अभी यह पता नहीं चल पाया है कि राज्य मंत्री भी इस सत्र में शामिल होंगे या नहीं. एक सूत्र ने बताया कि कुछ मंत्री अलग-अलग सेक्टर में सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए अपने मंत्रालयों द्वारा अपनाई गई नीतियों और उपायों पर प्रेजेंटेशन दे सकते हैं.

प्रधानमंत्री सुधारों पर जोर देते रहे हैं और उन्होंने पहले भी अपने कैबिनेट सहयोगियों से कह चुके हैं कि लोगों की समस्याओं का समाधान करना और ईज ऑफ लिविंग सुनिश्चित करना सरकार का मुख्य मकसद होना चाहिए. सूत्रों ने बताया कि 'चिंतन बैठक' के दौरान इन मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है और प्रजेंटेशन दिया जा सकता है.

प्रेजेंटेशन में पॉलिसी बनाने की प्रक्रिया को ज्यादा असरदार और प्रभावशाली बनाने के तरीकों पर ध्यान दिया जा सकता है. चर्चा में सरकारी योजनाओं की प्रगति, पॉलिसी लागू करने, समय के प्रबंधन, मंत्रालयों के बीच तालमेल और पब्लिक सर्विस डिलीवरी के साथ-साथ आगे के रोडमैप पर भी बात होने की संभावना है.

खबर है कि प्रधानमंत्री ने 23 और 24 सितंबर को सभी केंद्रीय मंत्रियों की चिंतन बैठक बुलाई है. असल में यह चिंतन बैठक से ज्यादा चिंता बैठक है, क्योंकि वे हर तरफ से ऐसे सवालों और आलोचनाओं के निशाने पर आ गए हैं, जिसके वे पूरी तरह हकदार हैं और जिसका स्तर और तीव्रता पहले कभी देखने को नहीं मिली.

चिंतन बैठक को लेकर कांग्रेस ने तंज कसा है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि खबर है कि प्रधानमंत्री ने 23 और 24 सितंबर को सभी केंद्रीय मंत्रियों की चिंतन बैठक बुलाई है. असल में यह चिंतन बैठक से ज्यादा चिंता बैठक है, क्योंकि वे हर तरफ से ऐसे सवालों और आलोचनाओं के निशाने पर आ गए हैं, जिसके वे पूरी तरह हकदार हैं और जिसका स्तर और तीव्रता पहले कभी देखने को नहीं मिली.

उन्होंने कहा, ''इस बीच 35 दिन बीत चुके हैं और संसद के मानसून सत्र का अब तक सत्रावसान नहीं हुआ है. यह अपने आप में अभूतपूर्व है. केंद्रीय गृह मंत्री लोकसभा में उस कलंकित दो-तिहाई बहुमत की तलाश में अब भी लगे हुए हैं, जो फिलहाल मृगतृष्णा ही है. वह इसलिए, ताकि 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में विपक्ष की एकजुटता के कारण उन्हें और मोदी सरकार को मिली घोर अपमानजनक हार का बदला लिया जा सके. उस दिन उनके षड्यंत्रकारी विधेयकों को पारित होने से रोककर गणराज्य को बचा लिया गया था. विपक्ष की वह एकजुटता उसे तोड़ने और डराने-धमकाने की उनकी जारी कोशिशों के बावजूद कायम रहेगी.''

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |