अमेरिका के 100 प्रतिशत टैरिफ की धमकी पर भारत का सीधा जवाब, कहा- 'हम 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध'
September 17, 2026
अमेरिका की ओर से भारत पर बड़े स्तर पर टैरिफ लगाए जाने का खतरा मंडरा रहा है। दरअसल, अमेरिका की कांग्रेस ने रूस पर सैंक्शन लगाने वाले बिल को पास कर दिया है। बता दें कि ये बिल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ये अधिकार दे देगा कि वह रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर भारी टैरिफ लगा सके। अमेरिकी कांग्रेस में बिल के पक्ष में 262 और विपक्ष में 159 नोट डाले गए। कांग्रेस से ये बिल पास होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप के पास जाएगा। उनके हस्ताक्षर के बाद ये बिला कानून बन जाएगा। अब अमेरिका की टैरिफ की इस धमकी पर भारत जवाब भी सामने आ गया है।
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि हमने अमेरिकी कांग्रेस में रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले एक्ट के पारित होने पर ध्यान दिया है और इस मामले में आगे होने वाली गतिविधियों पर नजर बनाकर रखे हुए हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा- "हमारी तरफ से पहले भी ये बात कई बार कही जा चुकी है। भारत अपने 1.4 अरब लोगों की एनर्जी सिक्योरिटी (ऊर्जा सुरक्षा) को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भारत अलग-अलग सोर्स से ऊर्जा हासिल करके और मार्केट की बदलती हुई स्थितियों के आधार पर ऐसा करना जाकी रखेगा।"
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि "बीते कुछ महीनों में भारत और अमेरिकी अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर हाई लेवल पर बातचीत हुई है। भारत ने साफ तौर पर कहा है कि इसके (टैरिफ) असर न सिर्फ भारत और अमेरिका के रिश्तों पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकते हैं। भारत ने ये भी बता दिया है कि हम अपने व्यापार और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत सरकार इन घटनाक्रमों के असर से निपटने के लिए भारतीय व्यापार और उद्योग संगठनों के साथ मिलकर काम करेगी।"
आपको बता दें कि अमेरिकी कांग्रेस में पास किया गया बिल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उन देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार देता है जो रूस से तेल और गैस खरीदना जारी रखते हैं। अमेरिकी कांग्रेस में हुई बहस में भारत और चीन को खास तौर पर उन बड़े खरीदारों के तौर पर पहचाना गया है जिन पर इस बिल का असर पड़ सकता है।
