कोन क्षेत्र के दर्जनों गांवों में वर्षों से नहीं पहुंचा शुद्ध पेयजल, ग्रामीणों ने डीएम से हस्तक्षेप और कार्यदायी संस्था पर कार्रवाई की मांग
कोन (सोनभद्र)। जल जीवन मिशन के तहत संचालित हर्रा-कदरा ग्राम समूह पेयजल योजना को लेकर रविवार को ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया। फ्लोरोसिस प्रभावित क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल न मिलने से नाराज ग्रामीणों ने समाजसेवी गंगा प्रसाद यादव के नेतृत्व में कुड़वा के पांडुचट्टान टोले में जोरदार प्रदर्शन किया और कार्यदायी संस्था तथा संबंधित विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।
ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार की महत्वाकांक्षी "हर घर नल" योजना धरातल पर पूरी तरह विफल साबित हो रही है। कई ग्राम पंचायतों में नल कनेक्शन अधूरे हैं, जबकि कागजों में कार्य पूर्ण दर्शाया जा चुका है। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद आज भी उन्हें फ्लोराइडयुक्त अथवा नदी-नालों का दूषित पानी पीना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कार्यदायी संस्था विष्णु प्रकाश आर पुंगलिया लिमिटेड की लापरवाही और मनमानी के कारण योजना का लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पा रहा है। कई स्थानों पर पाइपलाइन मानक के अनुरूप गहराई में नहीं बिछाई गई, जिससे हल्की बारिश में भी पाइप क्षतिग्रस्त हो जाते हैं और जलापूर्ति बाधित हो जाती है।
ग्रामीणों के अनुसार कचनरवा, कुड़वा, सिधवादामर समेत लगभग 32 गांवों में वर्षों से नियमित जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। कचनरवा ग्राम पंचायत के असनाबांध वार्ड-3 सहित कई टोले आज तक पेयजल सुविधा से वंचित हैं। ग्रामीणों ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतें भी दर्ज कराईं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
प्रदर्शन में शामिल जिला पंचायत सदस्य छविंद्र नाथ, समाजसेवी गंगा प्रसाद यादव, बिहारी प्रसाद यादव और जयराम ने आरोप लगाया कि दो वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी क्षेत्र में नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। उनका कहना है कि फ्लोरोसिस प्रभावित इलाकों के लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं बढ़ रही हैं।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से योजना की उच्चस्तरीय जांच कराने, शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा दोषी कार्यदायी संस्था के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
वहीं जल निगम के एई ममूर अली ने बताया कि लगभग 20 से 25 गांवों में जलापूर्ति शुरू कर दी गई है। कुछ स्थानों पर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से समस्या आई है, जिसे जल्द ठीक कराकर नियमित जलापूर्ति बहाल की जाएगी।
