सोनभद्र, 25 अगस्त। रक्षाबंधन पर्व से पहले सोनभद्र में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने आत्मनिर्भरता और भाई-बहन के स्नेह का अनूठा संदेश दिया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं ने अपने हाथों से तैयार राखियां जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की कलाई पर बांधकर पर्व की खुशियां साझा कीं। महिलाओं के हाथों से बनी राखियां केवल रक्षा-सूत्र नहीं, बल्कि उनके हुनर, स्वाभिमान और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक भी बनीं।
इस अवसर पर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने महिलाओं के बीच बैठकर राखी निर्माण की पूरी प्रक्रिया को देखा और कच्चे माल, लागत, बिक्री तथा आय के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने महिलाओं की रचनात्मकता और मेहनत की सराहना करते हुए स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
जनपद में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 30 स्वयं सहायता समूहों की लगभग 150 महिलाएं रक्षाबंधन के लिए राखी निर्माण से जुड़ी हैं। महिलाओं द्वारा अब तक करीब 20 हजार आकर्षक राखियां तैयार की जा चुकी हैं। इनकी बिक्री से समूह की महिलाओं को लाखों रुपये की आय होने की संभावना है। रक्षाबंधन का यह पर्व महिलाओं के लिए उत्सव के साथ-साथ रोजगार का अवसर भी बन गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की बहनों द्वारा तैयार की गई राखियां उनके कौशल, आत्मविश्वास और मेहनत की पहचान हैं। स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों को बढ़ावा देकर महिलाओं की आय बढ़ाना आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया। डे-एनआरएलएम के एफएनएचडब्ल्यू कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य सखियों के माध्यम से पात्र परिवारों की जानकारी एकत्र कर उन्हें आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन-आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन-आरोग्य अभियान से जोड़ने की पहल की जाएगी। पात्र परिवारों के आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनवाकर उन्हें पांच लाख रुपये तक की निःशुल्क उपचार सुविधा का लाभ दिलाया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि महिलाओं को केवल रोजगार उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें बाजार, आजीविका और स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत आधार देना भी आवश्यक है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं और उनके परिवारों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है।
इस मौके पर अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) वागीश कुमार शुक्ला, डीसी मनरेगा रविन्द्र वीर सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश मिश्रा, उप जिलाधिकारी घोरावल विशाल कुमार समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
