सोनभद्र। जनपद में अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने फर्जी खनिज परिवहन परमिट तैयार करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से फर्जी दस्तावेज तैयार करने में प्रयुक्त लैपटॉप और प्रिंटर भी बरामद किया है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक नगर अनिल कुमार, क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय एवं क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस को सूचना मिली कि मुकदमे से संबंधित आरोपित हनुमान मंदिर, तेन्दु (मगुरही) परिसर में एकत्र होकर फर्जी दस्तावेज तैयार करने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर अश्विनी पटेल, उमेश यादव, हिमांशु पाण्डेय और शक्तिमान कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह ब्लैंक सिक्योरिटी पेपर (फार्म-11) को डिजिटल माध्यम से एडिट कर उसमें वाहन संख्या, चालक का विवरण तथा गिट्टी-बालू की मात्रा दर्ज कर फर्जी परमिट तैयार करता था। गिरफ्तार शक्तिमान कुमार के पास से बरामद एचपी कंपनी का लैपटॉप और कैनन कंपनी का प्रिंटर इसी काम में उपयोग किए जा रहे थे।
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि हिमांशु पाण्डेय ब्लैंक सिक्योरिटी पेपर उपलब्ध कराता था, जबकि अश्विनी पटेल और उमेश यादव इन्हें जनसेवा केंद्र पर ले जाकर अपनी आवश्यकता के अनुसार एडिट कराते थे। इसके बाद तैयार फर्जी दस्तावेजों के आधार पर गिट्टी और बालू से लदे वाहनों का परिवहन कराया जाता था।
पुलिस के अनुसार गिरोह में अलग-अलग सदस्यों की भूमिकाएं तय थीं। कोई ब्लैंक सिक्योरिटी पेपर उपलब्ध कराता था तो कोई डिजिटल एडिटिंग कर फर्जी परमिट तैयार करता था। इसके बाद वाहन और खनिज संबंधी विवरण भरकर अवैध परिवहन कराया जाता था तथा इससे आर्थिक लाभ अर्जित किया जाता था।
जांच में यह भी पता चला है कि 16 जून और 22 जून 2026 को भी फर्जी सिक्योरिटी पेपर तैयार किए गए थे। पुलिस इन दस्तावेजों और इनके जरिए किए गए खनिज परिवहन की तकनीकी एवं विस्तृत जांच कर रही है।
गिरफ्तार चारों आरोपितों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
