विंध्याचल/मिर्जापुर। मां विंध्यवासिनी धाम की अति प्राचीन संस्था श्री विंध्य पंडा समाज के लंबे समय से लंबित चुनाव को लेकर अब आवाज तेज होने लगी है। राष्ट्रवादी मंच के प्रमुख एवं प्रखर हिंदूवादी नेता रहे मनोज श्रीवास्तव ने पंडा समाज के संवैधानिक चुनाव कराए जाने को लेकर पहल करने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में देशभर में समय-समय पर चुनाव कराए जा रहे हैं, ऐसे में श्री विंध्य पंडा समाज के चुनाव को इतने लंबे समय तक लंबित रखना उचित नहीं है। बताया जा रहा है कि वर्ष 1953 में स्थापित श्री विंध्य पंडा समाज का उद्देश्य मां विंध्यवासिनी मंदिर से जुड़े आचार-विचार, धार्मिक परंपराओं और व्यवस्थाओं में पंडा समाज की सहभागिता के साथ ही सर्व समाज को साथ लेकर चलना रहा है। आरोप है कि पिछले करीब सात से आठ वर्षों से संस्था के संवैधानिक चुनाव नहीं कराए गए हैं। इससे समाज के सदस्यों में असंतोष और निराशा का माहौल बना हुआ है। प्रशासन से दो-टूक बात करेंगे मनोज श्रीवास्तव राष्ट्रवादी मंच के प्रमुख मनोज श्रीवास्तव जल्द ही प्रशासन के समक्ष इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में हैं। वह पंडा समाज के सदस्यों और सर्व समाज के लोगों के अधिकारों तथा संस्था की संवैधानिक व्यवस्था को बहाल करने की मांग करेंगे। उनका प्रयास होगा कि लंबे समय से लंबित चुनाव का रास्ता जल्द साफ हो और लोकतांत्रिक तरीके से नई कार्यकारिणी का गठन किया जा सके।
पंडा समाज के सदस्यों का कहना है कि मां विंध्यवासिनी धाम में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के धार्मिक अनुष्ठान, दर्शन-पूजन और अन्य धार्मिक क्रियाकलापों में पंडा समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में संस्था के चुनाव लंबित रहने से समाज की सहभागिता और प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि यदि जरूरत पड़ी तो पंडा समाज और सर्व समाज के लोगों के साथ व्यापक आंदोलन की रणनीति भी तैयार की जाएगी। उनका उद्देश्य किसी विवाद को बढ़ाना नहीं, बल्कि संस्था की संवैधानिक व्यवस्था और चुनाव प्रक्रिया को पुनः सुचारु कराना है। चुनाव को लेकर विंध्याचल के साथ-साथ सर्व समाज में भी चर्चा और नाराजगी का माहौल है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की पहल और आगामी कदम पर टिकी हैं।
