"ना इनके भक्त बनिए, ना उनके", गांव पहुंचते ही सोनम वांगचुक ने लोगों को दी नसीहत
August 01, 2026
दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों के समर्थन में उतरे सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक अब लेह लद्दाख के अपने गांव पहुंच गए हैं। रास्ते में सोनम वांगचुक ने वंदे भारत एक्सप्रेस की सवारी की और उसकी तारीफ कर दी। अपने गांव पहुंचकर उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी किया। इस दौरान उन्होंने उन लोगों को नसीहत दी जो उनके वंदे भारत एक्सप्रेस की तारीफ को राजनीति से जोड़कर देख रहे थे। सोनम वांगचुक ने वीडियो में केंद्र सरकार से अनशन खत्म कराते समय किए गए लिखित वादे पूरे करने की मांग दोहराई और कहा, प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
सोनम वांगचुक ने अपने वीडियो संदेश में नीट पेपरलीक की वजह से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की भी मांग दोहराई और साथ भारतीय रेल की तारीफ करने पर आलोचना करने वाले लोगों को नसीहत भी दी।
वांगचुक ने कहा कि जब वे कश्मीर से लौट रहे थे तो उन्होंने भारतीय रेल की तारीफ की थी, क्योंकि रेलवे ने कश्मीर तक लाइन पहुंचाकर बड़ा काम किया है। चेनाब ब्रिज इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना है। वांगचुक की इस बात पर कुछ लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई थी और कहा था कि वे सरकार की तारीफ कर रहे हैं। इस पर वांगचुक ने लोगों से सवाल किया कि अगर इसरो मंगल ग्रह पर इंसान उतार दे तो क्या उसकी तारीफ नहीं होगी।
सोनम वांगचुक ने लोगों से खुले दिमाग से सोचने की अपील की और कहा, पक्ष हो या विपक्ष, सबको मिलकर देश बनाना है। गलत को गलत और सही को सही कहना आना चाहिए। वांगचुक ने कहा, एक पक्ष के अंधभक्त बनने की बजाय हमें सही और गलत दोनों को सही तौर पर पहचानना चाहिए।
सोनम वांगचुक ने अपने वीडियो संदेश में सरकार को याद दिलाया कि अनशन तुड़वाते वक्त जो वादे लिखित रूप में किए गए थे, उन्हें अब पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कदम नहीं उठाया जाना चाहिए। उन्होंने उन छात्रों को भी याद किया जिन्होंने आत्महत्या कर ली थी, उनके अभिभावकों को मुआवजा दिया जाए। सोनम वांगचुक ने कहा कि हर काम समय पर होने से ही उसकी कीमत और सम्मान बनता है, समय बीत जाने पर उसकी कोई कीमत नहीं होती।
